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किरीबुरु : छोटानागरा में राम मंदिर झंडा लगाने के विवाद के बाद ग्रामसभा के सचिव व कोषाध्यक्ष बदले गये

  • ओल चिकी शिक्षा प्रभावित होने का खतरा बढ़ा
Kiriburu (Shailesh Singh) : छोटानागरा पंचायत के ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद के बाद ग्रामसभा के सचिव मोहन हांसदा एवं कोषाध्यक्ष सुहागी मुर्मू को पद से हटा दिया गया है. उनके स्थान पर नये सचिव अविनाश खण्डाईत व कोषाध्यक्ष प्रकाश गोप बनाये गये हैं. ग्रामीणों के आपसी विवाद की वजह से छोटानागरा स्थित बहुउद्देशीय भवन में पिछले एक वर्ष से संचालित ओल चिकी शिक्षा की पढ़ाई बंद होने के कगार पर पहुंच गई है. विवाद बढ़ने से अन्य विकास कार्य भी प्रभावित होने की संभावना है. विवाद का मुख्य वजह बीते दिनों राम मंदिर का झंडा विभिन्न टोला में लगाने से रोका जाना एवं ग्रामसभा का इस्तेमाल कर कुछ विशेष टोला में ही विकास योजनाओं से जुडे़ कार्य कराया जाना है. इसे भी पढ़ें : प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/prime-minister-narendra-modi-will-discuss-exams-with-3000-students-today/">प्रधानमंत्री

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[caption id="attachment_839198" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/01/Chhotanagra-Munda-Binod-Barik-1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> मुंडा बिनोद बारिक.[/caption] पंचायत के उप मुखिया रमेश हांसदा ने बताया कि स्थानीय प्रशासन व हेल्पिंग हेड के सहयोग से बहुउद्देशीय भवन में ओल चिकी भाषा का एक कोचिंग सेंटर संचालित था. इसमें लगभग 60 बच्चे पढ़ते थे. पढ़कर पास हुये बच्चों को संस्था द्वारा प्रमाणपत्र दिया गया. हालांकि अब इसी भवन में एस्पायर संस्था व टीसीएस के सहयोग से तकनीकी कम्प्यूटर शिक्षा प्रारम्भ की गई है. यह शिक्षा भी जरुरी है, लेकिन आपसी विवाद बढ़ने के कारण ओल चिकी की पढ़ाई करने वाले बच्चों का शिक्षा अब भवन के अभाव में प्रभावित हो सकता है, क्योंकि नया ग्राम सभा संगठन इस भवन में अब पढ़ाने नहीं देगा. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-mining-department-caught-two-tractors-loaded-with-sand-and-coal-two-arrested/">किरीबुरु

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उप मुखिया रमेश हंसदा ने बताया कि छोटानागरा गांव अनुसूचित क्षेत्र अन्तर्गत आता है. इस गांव की आबादी 1486 है. इसमें अनुसूचित जनजाति लगभग 500 एवं अनुसूचित जाति लगभग 250, बाकी अन्य हैं. गैर अनुसूचित जाति के लोगों के दबाव में गलत तरीके से व बिना बहुमत के ग्रामसभा का सचिव व कोषाध्यक्ष को बदला गया. इस बैठक में एसटी-एससी के कुल 7-8 लोग ही शामिल थे. उन्होंने बताया कि छोटानागरा के धर्मरगुटू, राकाडबरा, बढुईया, जोजोपी में पेयजल सुविधा का प्रयास हुआ है, लेकिन भेदभाव के साथ नहीं. क्योंकि छोटानागरा में बाईहातु जलमीनार से पानी की बेहतर व्यवस्था थी, जो उक्त टोला में नहीं थी. राम मंदिर का झंडा लगाने का विवाद बड़ा नहीं था एवं उसका समाधान हो गया था. इसे भी पढ़ें : जेएसएससी">https://lagatar.in/jssc-recruitment-exam-answers-went-viral-before-the-exam/">जेएसएससी

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मुंडा बिनोद बारिक ने कहा कि छोटानागरा में विभिन्न जाति व समुदाय के लोग आपसी प्रेम व भाईचारे के साथ रहते हैं. सभी को एक सूत्र में बांधे रखना हमारी पहली प्राथमिकता है. कुछ विवाद हुआ था, जिसका समाधान किया गया है. उन्होंने बताया कि बहुद्देशीय भवन में दो कमरे हैं. एक कमरा व बरामदा में ओल चिकी की पढ़ाई तथा एक कमरा में कम्प्यूटर की पढ़ाई नियमित लोग करा सकते हैं. महीना में एक दिन ग्राम सभा होता है. बाकी दिन इस भवन का इस्तेमाल शिक्षण कार्य के लिये लोग करें, जो भी विवाद या समस्या है उसका जल्द आपस में बैठकर समाधान कर लिया जायेगा. [wpse_comments_template]

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