Kiriburu (Shailesh Singh) : झारखंड के सारंडा वन प्रमंडल एवं ओडिशा के क्योंझर वन प्रमंडल के उच्च अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय हाथी कॉरिडोर कारो-करमपदा का निरीक्षण किया. टीम में सेवानिवृत्त आरसीसीएफ अरुण कुमार मिश्रा एवं एवर ग्रीन फाउंडेशन के अलावे सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिरुप सिन्हा एवं संलग्न पदाधिकारी नितिश कुमार शामिल थे. सारंडा डीएफओ अभिरुप सिन्हा एवं संलग्न पदाधिकारी नितिश कुमार ने बताया कि उक्त सर्वे में झारखंड-ओडिशा सीमा क्षेत्र स्थित कारो-करमपदा हाथियों का बड़ा कॉरिडोर की समीक्षा की गई. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-water-level-of-chandil-dam-reached-181-45-meters/">Chandil
: 181.45 मीटर पहुंचा चांडिल डैम का जलस्तर सर्वे में पाया गया कि कई वर्षों से उक्त कॉरिडोर का इस्तेमाल हाथियों द्वारा किया जा रहा है. पूर्व में निर्धारित कॉरिडोर के अलावे भी अन्य मार्गों का भी इस्तेमाल हाथियों द्वारा किये जाने का संभावना देखी गई. इसको लेकर उक्त नये कॉरिडोर को भी विशेष प्लान बनाकर विकसित करने की योजना बनाने का निर्णय लिया गया. पूर्व में पहचान किये गये हाथियों के कॉरिडोर में उनके विचरण आदि के कई साक्ष्य पाये गये. कारो-करमपदा कॉरिडोर का इस्तेमाल लगभग 40 हाथियों का समूह समय-समय पर करता रहा है. इसका साक्ष्य भी वन विभाग को मिला है. इसे भी पढ़ें : Chakradharpur">https://lagatar.in/chakradharpur-25-kva-power-transformer-inaugurated-in-magurda-village/">Chakradharpur
: मागुरदा गांव में 25 केवीए विद्युत ट्रांसफार्मर का हुआ उद्घाटन भविष्य में उक्त कॉरिडोर का विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाकर वृहत कार्य किया जायेगा. कारो-करमपदा कॉरिडोर को बचाने से मनुष्य व हाथी द्वन्द कम होने के अलावा कोइना नदी के उद्गम स्थान को संरक्षण मिलेगा. प्राकृतिक धरोहर में वृद्धि, तथा ग्रामीणों को औषधीय वनस्पति और स्वच्छ वनस्पति का लाभ मिलेगा. इसे भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-commission-formed-to-provide-security-to-scheduled-castes-dr-asha/">Adityapur
: अजजा को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आयोग का गठन हुआ – डॉ आशा [wpse_comments_template]
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