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ग्रामीणों ने प्राइवेट शिक्षक किया है नियुक्त
बताया जा रहा है कि छोटानागरा पंचायत के उप मुखिया रमेश हंसदा की सक्रियता एंव ग्रामीणों के सहयोग से गांव के शिक्षक गोपाल को उक्त विद्यालय में तीन हजार रुपया मासिक वेतन पर बच्चों को पढ़ाने के लिये नियुक्त किया गया था. एक सितम्बर से शिक्षक ने बच्चों को पढ़ाने का कार्य प्रारम्भ किया. अगले तीन माह तक शिक्षक की पढ़ाई का स्तर व शिक्षा के प्रति उनकी विश्वसनीयता तथा सक्रियता को ग्रामीण अपने स्तर से देखेंगे. अगर सब कुछ बेहतर रहा तो ये ग्रामीण शिक्षक का मानदेय भी आपसी सहमति से बढ़ाएंगे. यह फैसला झारखण्ड सरकार व शिक्षा विभाग के उपर बड़ा तमाचा है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-the-potholes-on-the-bypass-road-are-inviting-a-major-accident/">चाईबासा: बाईपास सड़क पर बने गड्ढ़े दे रहे हैं बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण [caption id="attachment_410016" align="aligncenter" width="551"]
alt="" width="551" height="367" /> विद्यालय में मौजूद छात्र-छात्राएं[/caption]
स्कूल में मात्र दो सरकारी शिक्षक हैं नियुक्त
मालूम हो कि पश्चिम सिंहभूम जिले का नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल के छोटानागरा स्थित प्लस-टू उत्क्रमित उच्च विद्यालय एक ऐसा विद्यालय है जहाँ छोटानागरा पंचायत के विभिन्न गांवों के छात्र-छात्रायें पढ़ने आते हैं. यहाँ वर्ग 1-10 तक नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 309 है. 11-12 वीं में एक भी नामाकित बच्चे नहीं हैं. अर्थात शिक्षक के अभाव में छात्र-छात्राओं का नामांकन हीं नहीं लिया जाता है. विद्यालय में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिये सरकार की ओर से मिडिल सेक्शन के सहायक शिक्षक राम प्रकाश यादव एंव प्राईमरी सेक्शन की शिक्षिका कुशुम खलको को नियुक्त किया गया है. स्कूल में पारा शिक्षक-शिक्षिकायें भी नहीं हैं. इसे भी पढ़ें : जगन्नाथपुर">https://lagatar.in/jagannathpur-dead-body-of-middle-aged-found-in-bankati-kankuwa-drain-police-is-investigating/">जगन्नाथपुर: बनकाटी कंकुवा नाला से अधेड़ का शव बरामद, पुलिस कर रही जांच

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