: रवींद्रनाथ टैगोर की जयन्ती के दिन से शुरू होगी कालिकापुर में बंगला भाषा की पढ़ाई
स्कूल में मात्र दो ही स्थायी शिक्षक
इस स्कूल में सीबीएसई पैटर्न से वर्ग 1 से 12वीं तक की पढ़ाई होती है. पहले इस विद्यालय में लगभग 1500 बच्चे पढ़ा करते थे. पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं भी सेल के स्थायी सेलकर्मी होते थे. पश्चिम सिंहभूम जिला की बेहतर स्कूलों में यह स्कूल शुमार था. लेकिन समय बदलने के साथ स्कूल शिक्षक-शिक्षिकाओं व प्रबंधन के राजनीतिक में फंस निरंतर बर्बादी की ओर अग्रसर हुआ. आज के समय में यहां मात्र दो ही स्थायी शिक्षक हैं जिसमें एक प्राचार्या सुधा सिंह है. बाकी शिक्षक-शिक्षिकाएं प्राईवेट हैं. जबकि मात्र 350 के करीब बच्चे पढ़ते हैं. इस स्कूल में वैसे बच्चे विशेष रूप से पढ़ते हैं जिनके अभिभावक अत्यंत गरीब व फीस देने में अक्षम अथवा किसी दूसरे विद्यालय से फेल हुये हों. यहां काफी न्यूनतम फीस ली जाती है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-life-sentence-for-murder-in-land-dispute/">चाईबासा: जमीन विवाद में हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
बीईओ जांच के लिए पहुंचे स्कूल
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे गरीब हैं व अधिक फीस नहीं दे सकते हैं, तो संत मेरिज का फीस स्ट्रक्चर को कैसे पुरा कर सकेंगे? इस स्कूल में पिछले 20-25 वर्षों से पढ़ाते आ रहे प्राइवेट शिक्षकों का भविष्य क्या होगा? क्या संत मेरिज प्रबंधन सीबीएसई का शिक्षा मुहैया करायेगी? इधर, मंगलवार को नोवामुंडी के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इन्द्रदेव कुमार अचानक पीसीएस पहुंचे. बीईओ से सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि यहां के प्राईवेट शिक्षकों द्वारा सीएल आदि की छुट्टी व अन्य सुविधाएं नहीं मिलने संबंधित शिकायत मिली थी. इसी की जांच के लिए वे यहां पहुंचे हैं. अन्य किसी विषय पर उन्होंने बातचीत नहीं की. प्राचार्या सुधा सिंह भी इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार किया. इसे भाई पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-block-level-cleanliness-fortnight-co-workshop-organized-under-swachh-bharat-mission/">चाकुलिया: स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रखंड स्तरीय स्वच्छता पखवाड़ा सह कार्यशाला आयोजित

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