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किरीबुरु : नक्सल क्षेत्र में सूचना तंत्र मजबूत करना नये पुलिस अफसरों के लिये चुनौती

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Kiriburu (Shailesh Singh) : पश्चिम सिंहभूम जिले के अत्यंत नक्सल प्रभावित सारंडा, कोल्हान एवं पोड़ाहाट जंगल क्षेत्र के तमाम अनुमंडल, पुलिस निरीक्षक व थानाओं के पुलिस पदाधिकारियों का स्थानान्तरण एक सप्ताह के अंदर किये जाने से नक्सलियों के खिलाफ सूचना एकत्रित करने में पुलिस को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. वर्तमान में सिर्फ स्थानान्तरित होकर आये एसडीपीओ अथवा डीएसपी ने अपने अपने मुख्यालय में योगदान दिया है, जबकि दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर आये अथवा आने वाले नये इन्स्पेक्टर व थाना प्रभारियों की पोस्टिंग विभिन्न थाना में करने का कार्य पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जाना है. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-kankani-increased-minimum-temperature-reached-7-degrees/">किरीबुरु

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सारंडा व कोल्हान जैसे अत्यन्त नक्सल प्रभावित क्षेत्र के गांवों में नक्सलियों के खिलाफ सूचना तंत्र मजबूत करना पुलिस के लिये पहले से हीं चुनौती भरा कार्य रहा है. नये पुलिस पदाधिकारियों व थाना प्रभारियों के लिये यह काम काफी मुश्किल भरा रहने वाला है. इसके अलावे सेल की खदान क्षेत्रों से होने वाली स्क्रैप की चोरी, झारखण्ड-ओडि़सा सीमांत क्षेत्रों से लौह अयस्क, बालू तस्करी, अंध विश्वास व भूमि विवाद की वजह से घटित होने वाली नृसंश हत्याओं की घटना, नकली व अवैध शराब तथा कोरेक्स का अवैध कारोबार व तस्करी, अन्य छोटे-बडे़ अपराधों पर नियंत्रण लगाना नये पुलिस पदाधिकारियों के लिये बड़ी चुनौती साबित होगी. इसे भी पढ़ें : उत्तराखंड">https://lagatar.in/curfew-continues-in-haldwani-uttarakhand-internet-service-closed-cm-orders-strict-action-against-rioters/">उत्तराखंड

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ऐसे अपराधों पर नियंत्रण गांवा से लेकर शहरों तक बेहतर सूचना तंत्र मजबूत करने से हीं संभव होगा. नये पुलिस पदाधिकारियों को अपनी निष्पक्ष व पारदर्शी कार्यप्रणाली की बदौलत जनता का विश्वास जीतकर किया जा सकता है. तमाम थानों, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के थानों में तेजतर्रा, अनुभवी व सहनशिलता वालें पुलिस पदाधिकारियों की पदस्थापना करने की जरूरत होगी. सारंडा व कोल्हान जंगल क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस व अर्द्ध सैनिक बल निर्णायक लडा़ई तेज कर दी है. नये पुलिस पदाधिकारियों की थोडी़ सी चूक काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है. [wpse_comments_template]

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