Search

Kiriburu : हाथियों के मूवमेंट की दिक्कतों को दूर करने के लिए सर्वे

  • झारखंड व ओडिशा के वन अधिकारी दो दिन से कारो-करमपदा हाथी कॉरिडोर का कर रहे निरीक्षण
Kiriburu (Shailesh Singh) : झारखंड के सारंडा वन प्रमंडल एवं ओडिशा के क्योंझर वन प्रमंडल के उच्च अधिकारियों की संयुक्त टीम ने लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी अंतरराज्यीय हाथी कॉरिडोर कारो-करमपदा का निरीक्षण किया. यह निरीक्षण सेवानिवृत्त आरसीसीएफ डॉ अरुण कुमार मिश्रा एवं एवर ग्रीन फाउंडेशन के अलावे सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिरुप सिन्हा एवं संलग्न पदाधिकारी नितिश कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है. बुधवार को दोनों सीमावर्ती राज्यों के वन विभाग पदाधिकारियों की संयुक्त टीम ओडिशा के क्योंझर जिला स्थित सारंडा से सटे जंगल हिलटॉप, बोलानी खदान क्षेत्र, किरीबुरु-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण किया. यहां से हाथी निरंतर आना-जाना करते हैं. इसे भी पढ़ें :  Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-young-rjd-congratulated-shri-ram-yadav-who-was-made-jharkhand-general-secretary-of-rjd/">Adityapur

: राजद के झारखंंड महासचिव बनाये गए श्रीराम यादव का युवा राजद ने किया अभिनंदन
इस दौरान सेवानिवृत्त आरसीसीएफ अरुण कुमार मिश्रा ने लगातार न्यूज और शुभम संदेश हिन्दी दैनिक से बातचीत में कहा कि झारखंड-ओडिशा इंटर स्टेट कारो-करमपदा हाथी अभ्यारण का सर्वे किया जा रहा है. इससे पहले वर्ष 2010 में सर्वे किया गया था. उसकी रिपोर्ट भी है. जांच में यह देखा जा रहा है कि हाथियों कि गतिविधियां किन क्षेत्रों में निरंतर हो रही है. उनके मूवमेंट में क्या दिक्कतें आ रही हैं. उन दिक्कतों को कैसे दूर कर हाथी की गतिविधियों को आबादी वाले क्षेत्रों से इधर-उधर कैसे किया जा सकता है. दोनों वन प्रमंडल आपस में हाथियों की गतिविधियों से जुड़ी डेटा व अन्य जानकारियां आपस में शेयर कर रहे हैं. हाथियों का प्रोटेक्शन कार्य कैमरा ट्रैपिंग आदि से किया जायेगा. इसे भी पढ़ें :  Bahragora">https://lagatar.in/bahragora-former-mla-kunal-became-the-support-of-poor-family/">Bahragora

:  गरीब परिवार का सहारा बने पूर्व विधायक कुणाल

कारो-करमपदा कॉरिडोर का इस्तेमाल वर्षों से कर रहे हैं हाथी

सारंडा वन प्रमंडल के संलग्न पदाधिकारी नितिश कुमार ने बताया कि सर्वे में झारखंड-ओडिशा सीमा क्षेत्र स्थित कारो-करमपदा हाथियों का बड़ा कॉरिडोर की समीक्षा की जा रही है. इस सर्वे में पाया गया कि कई वर्षों से उक्त कॉरिडोर का इस्तेमाल हाथियों द्वारा किया जा रहा है. अन्य मार्गों का भी इस्तेमाल हाथियों द्वारा किया जा रहा है. उसे विशेष प्लान बनाकर विकसित करने की योजना बनाने का निर्णय लिया गया है. कारो-करमपदा कॉरिडोर का इस्तेमाल लगभग 40 हाथियों का समूह समय-समय पर कर रहा है. मंगलवार को भी सारंडा वन प्रमंडल क्षेत्र अन्तर्गत सेल की किरीबुरु-मेघाहातुबुरु आवासीय व खदान क्षेत्रों से लेकर घाघरथी, झंडीबुरु, भनगांव आदि वैसे क्षेत्र जहां पिछले कुछ वर्षों से हाथियों की निरंतर गतिविधियां जारी हैं, उनका पैदल सर्वे किया गया था. इसे भी पढ़ें :  Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-people-of-adityapur-muslim-colony-are-living-hellish-life/">Adityapur

  : नारकीय जीवन जी रहे आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती के लोग

सर्वे टीम में ये हैं शामिल

सर्वे टीम में के नागराज, आईएफएस, एसीएफ, क्योंझर, डॉ. प्रकाश चंद्र जेना, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता और हाथी विशेषज्ञ, डॉ. सचिदानंद प्रधान, शिक्षाविद, बिपिन प्रधान, हाथी गलियारा संसाधन व्यक्ति, रंजन कुमार कालो, रेंज अधिकारी, बड़बिल, उत्कल दास, वन्यजीव संरक्षणकर्ता, संबित शुभंकर घराई, जीवविज्ञानी शामिल हैं. इसे भी पढ़ें :  लातेहार">https://lagatar.in/latehar-monthly-meeting-of-ekal-abhiyan-concluded/">लातेहार

: एकल अभियान की मासिक बैठक संपन्न
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp