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किरीबुरू : कारो नदी के पुल से सटा एप्रोच सड़क दे रहा दुर्घटनाओं को दावत

Kiriburu (Shailesh Singh) : किरीबुरु-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग पर बराईबुरु व बोकना गांव के बीच कारो नदी पर बने बड़े पुल से सटे एप्रोच सड़क धंसने से निरंतर बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रह रही है. बताया जा रहा है कि सड़क की ऐसी दशा पिछले दिनों हुई भारी वर्षा से पुल के नीचे व किनारे की मिट्टी में कटाव होने व प्रतिदिन भारी वाहनों से होने वाली लौह अयस्क की ढुलाई के दौरान दबने से हुई है. पुलिया के एक छोर पर लगभग 10 फीट चौड़ा व डेढ़ फीट गहरा सड़क अपनी वास्तविक स्थिति से अंदर धंस गया है. वहीं, वाहन चालकों को इसकी जानकारी नहीं है. चालक पूर्व की तरह ही तेज रफ्तार से पुल पार करने की कोशिश करते हैं. ऐसे में अचानक गहरा धंसान देख वह ब्रेक लगा देते हैं. ऐसी स्थिति में हमेशा बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रह रही है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/karo-pul.jpeg"

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कारो नदी पर बना पुल झारखंड-ओडिशा क्षेत्र के लोगों व तमाम वाहनों के लिए लाइफ लाइन

उल्लेखनीय है कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो झारखंड-ओडिशा राज्य को आपस में जोड़ता है. कारो नदी पर बना उक्त पुल झारखंड-ओडिशा क्षेत्र के लोगों व तमाम वाहनों के लिए लाइफ लाइन है. क्योंकि इसी एक मात्र सड़क व इस पर बने उक्त पुल से होकर ही ओडिशा के बड़बिल आदि क्षेत्र के अलावा चाईबासा से लेकर बड़ाजामदा तक के तमाम लोग व वाहन गुवा किरीबुरु-मेघाहातुबुरु के अलावा मनोहरपुर, जराईकेला, बिसरा, राउरकेला आदि क्षेत्रों में आना-जाना करते हैं. इसके अलावा टाटा स्टील की बराईबुरु स्थित टीएसएलपीएल खदान से लौह अयस्क की ढुलाई इसी सड़क व पुल से होकर बड़ाजामदा व अन्य क्षेत्रों में होती है. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-the-ryotdars-submitted-a-memorandum-to-the-mp-against-the-rigging-in-the-name-of-land-purchase/">चांडिल

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सड़क की मरम्मत यथाशीघ्र नहीं होने पर आवागमन हो सकता है पूरी तरह ठप

विदित हो कि इस पुल से प्रतिदिन हजारों मालवाहक, यात्री व प्राईवेट वाहन गुजरते हैं. यदि इस सड़क की मरम्मत यथाशीघ्र नहीं की गई और सड़क पूरी तरह से धंस गया तो लौहांचल व सारंडा क्षेत्र के तमाम लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो जायेगा. साथ ही टीएसएलपीएल खदान से भी लौह अयस्क की ढुलाई पूरी तरह से ठप व प्रभावित हो जायेगी. इससे राज्य व केन्द्र सरकार को भारी राजस्व का नुकसान उठाना पडे़गा. इस सड़क के अलावा दूसरा कोई वैकल्पिक मार्ग भी नहीं है, जिससे लोग किरीबुरु से जिला, प्रखंड व अनुमंडल कार्यालय आदि जा सके. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-selection-of-anganwadi-worker-in-rawtara-on-september-1/">चांडिल

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