- वेतन संशोधन का समाधान सेल के राष्ट्रीय स्तर पर होगा, खदान की कोई भूमिका नहीं
होटल अर्श में खेला जा रहा था जुआ, पुलिस ने छापा मारा, बिल्डर समेत दो गिरफ्तार, रुपये बरामद [caption id="attachment_969981" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> सीजीएम कमलेश राय.[/caption] कंपनी के प्रत्येक खदान, इकाई द्वारा निरंतर परिश्रम द्वारा कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं. यह परिवर्तन केवल हमारे कार्यबल के पूरे दिल से सहयोग और समर्थन से ही संभव होगा, जिसने हमेशा कंपनी के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. ऐसे समय में हड़ताल के होने से कंपनी को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है. साथ ही पुरस्कार और प्रोत्साहन आदि खोने के कारण हमारे कार्यबल के मनोबल पर भी असर पड़ सकता है. इसके अलावा, सभी संबंधितों को सूचित किया जाता है कि इस मामले पर मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय में सुलह कार्यवाही पहले ही शुरू हो चुकी है और सुलह कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान हड़ताल पर जाना औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 22 (डी) का उल्लंघन होगा और इसे अवैध हड़ताल कहा जा सकता है. इसे भी पढ़ें : मुंबई">https://lagatar.in/mumbai-push-to-board-bandra-gorakhpur-express-huge-crowd-stampede-9-injured/">मुंबई
: बांद्रा गोरखपुर एक्सप्रेस पर चढ़ने के लिए धक्का मुक्की, भारी भीड़, भगदड़, 9 घायल… सी.एल. की धारा 26 (1), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है. इसे ध्यान में रखते हुए किरीबुरू लौह अयस्क खदान के सभी कर्मचारियों से 28 अक्टूबर को हड़ताल पर नहीं जाने एवं सामान्य कामकाज बनाए रखने की अपील की जाती है. इसके द्वारा यह भी सूचित किया जाता है कि उपरोक्त पाली, दिन के लिए किसी भी प्रकार की कोई छुट्टी स्वीकृत नहीं की जाएगी और अनुपस्थिति को अनधिकृत माना जाएगा. उन कर्मचारियों के संबंध में काम नहीं, वेतन नहीं के सिद्धांत का पालन किया जाएगा जो उस दिन अनुपस्थित रहेंगे. [wpse_comments_template]
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