Kiriburu (Shailesh Singh) : माइनिंग एरिया ट्रक ऑनर एसोसिएशन
बड़ाजामदा का आंदोलन खत्म हो गया
है. टीएसएलपीएल प्रबंधन और ट्रक ऑनर एसोसिएशन के बीच वार्ता के बाद एक जून को आंदोलन खत्म
हुआ. आंदोलन खत्म होने की घोषणा एसोसिएशन के अध्यक्ष
अरविन्द चौरसिया ने
की. इसके बाद
टीएसएलपीएल खदान से
हाइवा वाहन मालिकों ने लौह अयस्क की ढुलाई का कार्य सामान्य रूप से शुरू कर
दिया. एसोसिएशन के अध्यक्ष
अरविन्द चौरसिया ने बताया की
टीएसएलपीएल के एजेंट सह महाप्रबंधक राहुल किशोर सिंह, लॉजिस्टिक प्रबंधक हेमंत पंडा के साथ हमारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक
हुई. बैठक में प्रबंधन ने हमें आश्वासन दिया है कि इसी माह में कंपनी के वेंडरों की निविदा होनी
है. तमाम वेंडर उक्त निविदा में अपना टेंडर
डालेंगे. जुलाई माह से वेंडरों की निविदा अनुसार
हाइवा मालिकों को
भाड़ा बढ़ाकर दिया
जाएगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-two-years-imprisonment-for-cheating-a-girl-on-the-pretext-of-marriage/">जमशेदपुर
: शादी का झांसा देकर युवती से रुपये ठगने वाले को दो साल की सजा 30 मई से अयस्क ढुलाई का काम था बंद
उल्लेखनीय है कि एसोसिएशन ने माल
भाड़ा वृद्धि की मांग को लेकर
टीएसएलपीएल खदान से लौह अयस्क की ढुलाई 30 मई की सुबह से बंद कर दिया
था. इससे उक्त खदान का डिस्पैच पूरी तरह से ठप हो गया
था. इससे खदान प्रबंधन को लाखों रुपये की नुकसान हुई
थी. उक्त खदान में बड़ाजामदा, बराईबुरु-टाटीबा,
गुवा क्षेत्रों के लगभग 300 से अधिक
हाइवा लौह अयस्क ढुलाई में लगे
हैं. सभी वाहनों के मालिक अपनी-अपनी वाहनों को
खड़ा कर अनिश्चितकालीन
हड़ताल पर चले गये
थे. वाहन मालिक उक्त एसोसिएशन के बैनर तले हाथी चौक के पास जमे हुए थे, ताकि कोई
हाइवा एसोसिएशन के विरुद्ध जाकर अयस्क ढुलाई न शुरू कर
दे. ऐसे वाहनों को रोका
जाएगा. एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि 13 मार्च को
टीएसएलपीएल कंपनी को
भाड़ा वृद्धि को लेकर मांग पत्र सौंपा गया
था. लेकिन प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया.
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: सुरक्षाबलों ने 50 किलो का आईईडी किया बरामद लौह अयस्क ढुलाई का भाड़ा बढ़ाने की थी मांग
पिछले कुछ वर्षों में डीजल, वाहनों के पार्ट्स आदि काफी महंगे हुए
हैं. लौह अयस्क की कीमत 3500 से लगभग 7000 रुपये प्रति टन चला
गया. कंपनी को लाभ होने के बावजूद वह
भाड़ा नहीं बढ़ा रही
है. उक्त खदान से प्रत्येक
हाइवा को एक दिन में एक ट्रिप अयस्क ढुलाई का मौका मिलता
है. इसके लिए दिन भर वाहन
खड़ी रखनी
पड़ती है. वाहन के चालक, खलासी और किस्त जमा करने के बाद मालिक को कुछ भी नहीं बचता
है. यह नुकसान का ही सौदा
है. दूसरा कोई विकल्प वाहन मालिकों पास नहीं है, इसलिए वाहन को फाइनेंसर द्वारा खींच लेने से बचाने हेतु यह कार्य बिना लाभ के किया जा रहा
है. उन्होंने कहा था कि हमारी मांगें हैं कि
टीएसएलपीएल खदान से
बड़ाजामदा साइडिंग तक 300 रुपए प्रति टन, खदान से
गुवा साइडिंग तक 330 रुपए प्रति टन, खदान से
बोकना प्लॉट तक 250 रुपए प्रति टन लौह अयस्क परिवहन
भाड़ा दिया
जाए. इस वार्ता के दौरान
अरविन्द चौरसिया के अलावे रूपा खान, मनोज साहू आदि मौजूद
थे. [wpse_comments_template]
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