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किरीबुरु : सारंडा के गांवों में अच्छी फसल व खुशहाली के लिए आदिवासी समुदाय ने मनाया रजो पर्व

Kiriburu : सारंडा के विभिन्न गांवों के "हो" आदिवासी समुदाय के लोगों ने घाटकुड़ी गांव में रजो पर्व और मसंत धूमधाम से मनाया. चार दिन तक इस पर्व को मनाया जाता है. गंगदा, घाटकुड़ी, रोवाम, काशिया-पेचा, गुवासाई, बुंडू आदि गांवों के ग्रामीण रजो पर्व हर्षोल्लास से मना रहे है.  सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम एंव मानकी सुरेश चाम्पिया ने बताया की यह पर्व वर्षा के आगमन तथा अच्छी वर्षा व अच्छी फसल होने के लिए मनाया जाता है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर:">https://lagatar.in/adityapur-son-of-asia-vice-president-entrepreneur-increased-his-honor-by-doing-phd-in-business-strategy/">आदित्यपुर:

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पेड़-पौधों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई

[caption id="attachment_333125" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/06/Rajo-festival1.jpg"

alt="" width="600" height="339" /> मांदर व नगाड़े की थाप पर सामूहिक नृत्य करते ग्रामीण.[/caption] इस पर्व को मानाने से पूर्व पारम्परिक तरीके से पेड़-पौधों की विधिवत पूजा-अर्चना के अलावे नारियल एंव मिठाई से पूजा की जाती है. रजो पर्व में लकड़ी का झूला बनाकर झूला झूलने की भी परम्परा है. ग्रामीण महिलाएं व बच्चों ने एक साथ मिलकर ढोल, मांदर एंव नगाड़े की थाप पर सामूहिक नृत्य किया  . इस दौरान मानकी सुरेश चाम्पिया, बिरसा चाम्पिया, रमेश चाम्पिया, मंगता चम्पिया, बेझा चाम्पिया आदि दर्जनों ग्रामीण शामिल थे. इसे भी पढ़ें :रांची">https://lagatar.in/ranchi-fierce-fire-broke-out-in-mall-five-fire-tenders-engaged-in-extinguishing/">रांची

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