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किरीबुरु : बियूबेड़ा में कुल्हाड़ी से हत्या करने के दो आरोपियों ने किया सरेंडर

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Kiriburu : टोंटो थाना अन्तर्गत बियूबेड़ा गांव निवासी रेंगो कोड़ा की हत्या में शामिल दो आरोपी दीपांकर उर्फ बुनुम कोड़ा और कुशनू सुरीन ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. इसमें मामले में तीन नामजद आरोपी हैं. एक आरोपी रसाय कोड़ा अब भी फरार है. दीपांकर और कुशनू ने आजसू नेता राजू सांडिल व रोवाम के मुंडा बुधराम सिधू के प्रयास से सरेंडर किया. हालांकि पुलिस ने अभी भी दोनों के आत्मसमर्पण करने की पुष्टि नहीं की है. सूत्रों का कहना है कि उक्त तीनों आरोपी हत्या के बाद गांव से भागकर कोलकाता चले गये थे. दो आरोपी ग्रामीणों के प्रयास से कोलकाता से वापस आकर आत्मसमर्पण किया. रसाय कोड़ा कोलकाता में ही है. हत्या की मुख्य वजह रेंगो के साथ तीनों का आपसी विवाद था. उल्लेखनीय है कि 17 फरवरी की रात बियुबेड़ा गांव निवासी रेंगो कोड़ा की नृसंश हत्या गांव के ही तीन युवक रसाय कोड़ा, दीपांकर उर्फ बुनुम कोड़ा और कुशनू सुरीन ने टांगी व दौली से कर दी थी. हत्या करने के बाद शव को रस्सी से बांध कर पास के कारो नदी में डाल दिया था. किरीबुरु के एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर, जगन्नाथपुर के एसडीपीओ ईकुड़ डुंगडुंग आदि पुलिस पदाधिकारियों के साथ-साथ ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से रेंगो कोड़ा का शव कारो नदी से निकाला गया था. उसके शरीर व सिर पर कई गहरे जख्म थे. इसे भी पढ़ें : श्यामसुंदरपुर">https://lagatar.in/shyamsundarpur-unknown-highway-carrying-illegal-sand-and-stones-broke-the-handpock-of-the-school/">श्यामसुंदरपुर

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बदमाश खैनी मांगने के बहाने घर आये और दरवाजा तोड़ अंदर घुसे थे

घटना के संबंध में मृतक रेंगो कोड़ा की पत्नी सुराय कोड़ा ने बताया था कि घटना वाली रात खाना खाकर अपने घर में सोये थे. तभी मध्य रात को रसाय कोड़ा, रसाय का भाई दीपांकर उर्फ बुनुम कोड़ा और कुशनू सुरीन हमारे घर आकर रेंगो से खैनी मांगने लगा. उसने दरवाजा खोलने के लिये कहा, लेकिन हमलोगों ने दरवाजा नहीं खोला. इसके बाद तीनों दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसे और रेंगो से मारपीट करने लगे. इस दौरान अपनी जान बचाने के लिये रेंगो घर से भागकर गोनो कोड़ा के घर गया. उक्त तीनों आरोपी मेरे घर में रखा कुल्हाड़ी लेकर रेंगो के पीछे दौडे़. गोनो के घर में तीनों ने रेंगो की कुल्हाड़ी व दौली से प्रहार कर हत्या कर दी. तीनों ने मुझे और मेरे बेटे शंभू के साथ भी मारपीट की थी. हम दोनों ने घर से किसी तरह भागकर जंगल में छुप कर जान बचायी थी. तीनों हत्या के आरोपी से हमलोगों का कोई विवाद या झगड़ा नहीं था. [wpse_comments_template]

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