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किरीबुरु : सारंडा में नक्सल सर्च ऑपरेशन में शामिल दो जवान को मलेरिया, हॉस्पिटल में भर्ती

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  • नक्सलियों के खिलाफ 10 दिनों से सर्च ऑपरेशन जारी
Kiriburu (Shailesh Singh) : सारंडा जंगल को भाकपा माओवादी नक्सलियों से पूरी तरह से मुक्त कराने के लिए 10 दिनों से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा के नेतृत्व में और पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, सीआरपीएफ की 197, 174, 134, 26, 11 बटालियन आदि के कमांडेंट व अन्य अधिकारी के अलावे झारखंड पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन निरंतर जारी है. सीआरपीएफ व पुलिस छोटानागरा एवं जराईकेला थाना अन्तर्गत सारंडा के नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती व घने जंगलों में और पहाड़ों पर ऑपरेशन चला रहे हैं. इसे भी पढ़ें : HEC">https://lagatar.in/hec-closed-lockout-in-company-over-outstanding-salaries/">HEC

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इस ऑपरेशन के दौरान कई जवान मलेरिया व अन्य बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं. सीआरपीएफ की 197 एवं 11 बटालियन के दो जवानों को सेल अस्पताल में मलेरिया आदि की वजह से भर्ती कराया गया है. सूत्रों का कहना है कि डीआईजी अजय लिंडा व सीआरपीएफ के कमांडेंट, द्वितीय कमान अधिकारी, उप समादेष्टा व सहायक कमांडेंट स्तर के अधिकारी निरंतर सारंडा के घने जंगलों में ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं. इस ऑपरेशन के क्रम में ही जहां-जहां सीआरपीएफ अथवा पुलिस कैंप नहीं है और वहां नक्सलियों का सुरक्षित जोन बना हुआ है. वैसे जंगल क्षेत्रों में सीआरपीएफ का कैंप भी स्थापित करने का कार्य प्रारम्भ है. सूत्रों का कहना है कि जराईकेला थाना अन्तर्गत तिरिलपोशी, नयागांव तथा छोटानागरा थाना अन्तर्गत मारंगपोंगा एवं उसरुईया में पुलिस नया कैम्प स्थापित कर रही है. इसे भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-police-action-92-boxes-of-illegal-english-liquor-recovered/">गिरिडीह

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यह चार कैम्प स्थापित होने के बाद नक्सलियों को सारंडा में छिपने का स्थान नहीं बचेगा एवं उन्हें सारंडा से भागना पडे़गा. सारंडा के सुदूरवर्ती गांव कुदलीबाद, कोलायबुरु आदि के ग्रामीणों ने बताया की सीआरपीएफ के जवान हमारे गांव क्षेत्र के जंगलों में निरंतर विकट परिस्थिति व कड़ाके की ठंड में ऑपरेशन चला रहे हैं. वे जंगल में ही प्लास्टिक डाल कर रात में सोते व दिन भर ऑपरेशन चला रहे हैं. इससे नक्सल गतिविधियां देखने को नहीं मिल रही हैं. इसे भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-police-action-92-boxes-of-illegal-english-liquor-recovered/">गिरिडीह

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दूसरी ओर कोल्हान जंगल में भी पुलिस, सीआरपीएफ व कोबरा निरंतर सर्च अभियान चलाकर नक्सलियों द्वारा लगाये गये आइईडी को एक-एक कर बरामद व नष्ट कर रही है. सीआरपीएफ सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कोल्हान जंगल में नक्सलियों ने बडे़ पैमाने पर आइईडी लगाया हुआ है. जिस कारण एक-दो किलोमीटर जंगल को सुरक्षित सर्च करने में 4-8 दिन का समय लग रहा है. संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दो वर्षों में सारंडा व कोल्हान जंगल को नक्सलियों से मुक्त किया जा सकता है. [wpse_comments_template]

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