Kiriburu (Shailesh Singh) : केन्द्रीय इस्पात सचिव एनएन सिन्हा का सेल की
चिड़िया एवं
गुवा खदान का दौरा कई मामलों को लेकर अहम माना जा रहा
है. इस्पात सचिव 21 जनवरी को देर शाम तक दोनों खदानों का निरीक्षण कर अधिकारियों से
गुवा डीभी में वार्ता
की. उल्लेखनीय है कि सेल कि
चिड़िया खदान में उच्च ग्रेड का लौह अयस्क का अकूत भंडार
है. इतने बडे़ भंडार होने के बावजूद सेल प्रबंधन
चिड़िया खदान से वैज्ञानिक व
मेकेनाईज्ड तरीके से लौह अयस्क का व्यापक पैमाने पर खनन व परिवहन नहीं कर पा रही
है. चिड़िया खदान विभिन्न वजहों से हमेशा विवादों में बना रहता
है. इसके अलावे वहां की टाउनशिप से लेकर
सेलकर्मियों को रहने हेतु बेहतर सुविधा आदि नहीं
है. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragora-31st-free-health-camp-of-rites-limited-organized-in-bhandarshol/">बहरागोड़ा
: भंडारशोल में राइट्स लिमिटेड का 31 वां निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किरीबुरू व मेघाहातुबुरू खदान की स्थित ज्यादा खराब
चिड़िया खदान,
मेघाहातुबुरू का सेंटर ब्लॉक,
किरीबुरू का साउथ ब्लॉक तथा
गुवा खदान का
बड़ा मामला फॉरेस्ट विभाग से क्लियरेंस नहीं मिलने के कारण अब तक
रूका हुआ
है. इन वजहों से सेल की उक्त चारों खदानों से बडे़ पैमाने पर उत्पादन नहीं हो पा रहा
है. इससे सेल की स्थिति दयनीय होती जा रही
है. किरीबुरू और
मेघाहातुबुरू खदान का स्थिति तो और भी खराब
है. क्योंकि दोनों खदानों में लौह अयस्क का डिपॉजिट लगभग खत्म
है. किरीबुरू का साउथ व
मेघाहातुबुरु का सेंटर ब्लॉक अगर जल्द नहीं खुला तो दोनों खदानें आने वाले दो वर्षों के दौरान बंदी के कगार पर पहुंच
जाएगी. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-jmm-remembered-sudhir-mahato-on-his-death-anniversary-paid-tribute/">घाटशिला
: पुण्यतिथि पर झामुमो ने सुधीर महतो को किया याद, दी श्रद्धांजलि अधिकारियों ने दुरुह क्षेत्र भत्ता अविलम्ब शुरू करने की मांग की
केन्द्रीय इस्पात सचिव एनएन सिन्हा को सेल की बीएसएल व झारखंड खान समूह के प्रभारी निदेशक
अमरेन्दु प्रकाश, कार्यपालक निदेशक (खान) जयदीप दास गुप्ता,
चिड़िया के सीजीएम कमल भाष्कर,
गुवा के सीजीएम बी के गिरी,
मेघाहातुबुरु के सीजीएम आर पी सेलबम,
किरीबुरू के सीजीएम कमलेश राय, झारखंड ग्रुप ऑफ
माइन्स के महाप्रबंधक
(पीएंडए) एसएन पंडा, ऑफिसर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार, रतन पत्री आदि ने स्थिति से अवगत करा जल्द समाधान का आग्रह किया
है. दूसरी तरफ सेल की झारखंड खान समूह के ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सेल अधिकारियों का
दुरुह क्षेत्र भत्ता
(डासा) बंद करने का मामले को भी प्रमुखता से उठाते हुए इसे
अविलम्ब प्रारम्भ कराने की मांग की
है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment