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किरीबुरू : बहदा में उत्क्रमित मध्य विद्यालय का भवन जर्जर, दुर्घटना की आशंका

Kiriburu (Shailesh Singh) : छोटानागरा पंचायत का सुदूरवर्ती बहदा गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का छत का भवन जर्जर हो चुका है. यहां आए दिन छत का प्लास्टर टूटकर गिरने का खतरा बना हुआ रहता है. इससे बच्चों व शिक्षकों में भय का माहौल है. उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय के नए भवन का निर्माण वर्ष 2004-05 में किया गया था. इस विद्यालय में वर्ग 1 - 8 तक पढा़ई होती है. यहां नामांकित बच्चों की संख्या 107 है. पहले इस विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 10 - 20 के करीब रहती थी. लगातार न्यूज के प्रयास के बाद अब बच्चों की उपस्थित इस स्कूल में लगभग 70 के आसपास रह रही है. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-audition-of-asma-the-real-star-season-3-will-be-held-on-august-28/">घाटशिला

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[caption id="attachment_399211" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/kiriburu-school-2.jpeg"

alt="" width="600" height="400" /> जगह-जगह टूटे छत के प्लास्टर[/caption]

एसएमसी की बैठक में इस समस्या पर हुई चर्चा

गुरुवार को विद्यालय के जर्जर भवन एंव प्लास्टर कर गिर रहे प्लास्टर से संबंधित मामले को लेकर विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष मछुवा चाम्पिया एंव सचिव मुगली सिद्धू के नेतृत्व में ग्रामीणों एंव शिक्षक-शिक्षिकाओं की विशेष बैठक हुई. बैठक में प्रभारी शिक्षक अर्जुन महतो एंव टाटा स्टील कंपनी द्वारा नियुक्त प्राईवेट शिक्षिका सनार्ती चाम्पिया ने ग्रामीणों व एसएमसी पदाधिकारियों को बताया कि बच्चे स्कूल के बरामदे व अन्य स्थानों पर घूमते रहते हैं. ऐसी स्थिति में प्लास्टर गिरने से बच्चे के गंभीर रुप से घायल होने का खतरा बना रहता है. अगर शिक्षा विभाग इस दिशा में तत्काल कदम नहीं उठाता है तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-due-to-the-plight-of-nh-32-the-wheels-of-vehicles-were-stopped-from-wednesday-night-till-late-evening/">जमशेदपुर:

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विद्यालय भवन के यथाशीघ्र निर्माण की मांग

ग्रामीण भी अपने-अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं. ग्रामीणों ने बताया कि इस स्कूल में एक मात्र सरकारी शिक्षक हैं, जबकि और स्थायी शिक्षक की जरूरत है. जर्जर विद्यालय भवन का यथाशीघ्र निर्माण अथवा मरम्मती का कार्य कराया जाये. अगर दिवार या प्लास्टर गिरने से कोई बच्चे घायल होता हैं तो उसके लिये जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अलावे जिला प्रशासन होगा. बैठक में मनचुड़िया सिद्धू, रुड़ीया सुरीन, लखन चाम्पिया, तुराम चाम्पिया, कामेश्वर माझी, टिलू सुरीन, दासीकर सुरीन, सीता माझी, मानी चाम्पिया, मुगली सिद्धू, हीरामनी सिद्धू, मेंजो गागराई, गुना सुरीन आदि अन्य शामिल थे. [wpse_comments_template]

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