Kiriburu (Shailesh Singh) : चोरी का स्क्रैप लदा पकड़ा गया बोलेरो कैम्फर (जेएच22जी-3059) को लेकर किरीबुरु पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में. विश्वस्त सूत्रों ने बताया की वन विभाग की टीम को 31 दिसम्बर की अहले सुबह सूचना मिली की सारंडा जंगल से एक कैम्फर वाहन संभवतः तस्करी का अवैध लकडी़ लेकर सैडल गेट की तरफ जा रहा है. वन विभाग की टीम ने एम्बुस कर सैडल गेट में उक्त बोलेरो को रोका. वन विभाग को देख वाहन के चालक आदि वाहन छोड़ फरार हो गया. वन विभाग की ने जब वाहन की तलाशी लिया तो पाया की इसमें लकड़ी के स्थान पर चोरी का अवैध स्क्रैप लदा है. उसके बाद वन विभाग की टीम ने घटना की जानकारी किरीबुरु पुलिस को दी. किरीबुरु पुलिस 31 दिसम्बर की सुबह 7 बजे घटनास्थल पर जाकर स्क्रैप लदा उक्त वाहन को थाना लाई. थाना के सामने लगभग छुपाकर वाहन का नम्बर प्लेट को कपडा़ से ढंक कर खडा़ कर दिया और स्क्रैप कारोबारी की तलाश करने लगी. जब कोई नहीं मिला तो बाद में एफआईआर दर्ज की गई. इसे भी पढ़ें : IPS">https://lagatar.in/40-policemen-including-ips-manoj-kaushik-narendra-singh-ashwini-sinha-received-governor-and-chief-minister-medals/">IPS
मनोज कौशिक, नरेंद्र सिंह, अश्विनी सिन्हा समेत 40 पुलिसकर्मियों को मिला राज्यपाल और मुख्यमंत्री पदक किरीबुरु के एक पदाधिकारी ने बताया की वाहन को 31 दिसम्बर की सुबह 7 बजे पकडा़ गया था. लेकिन एफईआर 3 जनवरी को किया गया है. एफआईआर में वाहन का अज्ञात मालिक व चालक के अलावे लगभग 2 टन स्क्रैप होने की बात एफआईआर में दर्ज करने की बात कहीं जा रही है. बडा़ सवाल यह है कि जब वाहन 31 दिसम्बर को पकडा़ गया तो एफआईआर करने में चार दिन क्यों लगा. यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस की स्क्रैप माफियाओं के खिलाफ ऐसी सहानुभूति से अपराध व स्क्रैप चोरी की घटना कैसे रुकेगी. इसे भी पढ़ें : रांची:">https://lagatar.in/ranchi-brigadier-sanjay-kandpal-and-colonel-vinay-ranjan-met-cm/">रांची:
सीएम से मिले ब्रिगेडियर संजय कान्डपाल और कर्नल विनय रंजन दूसरी तरफ जिस वाहन पर स्क्रैप लोड है, उसके मालिक सारंडा के मारंगपोंगा गांव निवासी सुखराम बहंदा से जब सम्पर्क साधा गया तो उसने बताया की वाहन उनका है और 31 दिसम्बर की सुबह वन विभाग की टीम पकड़ पुलिस को दी है. उसपर चोरी का स्क्रैप लदा है. उसने यह नहीं बताया कि यह स्क्रैप कहां से चोरी किया गया, कौन-कौन शामिल हैं तथा कहां बेचा जाना था. उल्लेखनीय है कि पूरे सारंडा क्षेत्र व सेल की खदानों से स्क्रैप की निरंतर व खुलेआम चोरी हो रही है. [wpse_comments_template]
मनोज कौशिक, नरेंद्र सिंह, अश्विनी सिन्हा समेत 40 पुलिसकर्मियों को मिला राज्यपाल और मुख्यमंत्री पदक किरीबुरु के एक पदाधिकारी ने बताया की वाहन को 31 दिसम्बर की सुबह 7 बजे पकडा़ गया था. लेकिन एफईआर 3 जनवरी को किया गया है. एफआईआर में वाहन का अज्ञात मालिक व चालक के अलावे लगभग 2 टन स्क्रैप होने की बात एफआईआर में दर्ज करने की बात कहीं जा रही है. बडा़ सवाल यह है कि जब वाहन 31 दिसम्बर को पकडा़ गया तो एफआईआर करने में चार दिन क्यों लगा. यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस की स्क्रैप माफियाओं के खिलाफ ऐसी सहानुभूति से अपराध व स्क्रैप चोरी की घटना कैसे रुकेगी. इसे भी पढ़ें : रांची:">https://lagatar.in/ranchi-brigadier-sanjay-kandpal-and-colonel-vinay-ranjan-met-cm/">रांची:
सीएम से मिले ब्रिगेडियर संजय कान्डपाल और कर्नल विनय रंजन दूसरी तरफ जिस वाहन पर स्क्रैप लोड है, उसके मालिक सारंडा के मारंगपोंगा गांव निवासी सुखराम बहंदा से जब सम्पर्क साधा गया तो उसने बताया की वाहन उनका है और 31 दिसम्बर की सुबह वन विभाग की टीम पकड़ पुलिस को दी है. उसपर चोरी का स्क्रैप लदा है. उसने यह नहीं बताया कि यह स्क्रैप कहां से चोरी किया गया, कौन-कौन शामिल हैं तथा कहां बेचा जाना था. उल्लेखनीय है कि पूरे सारंडा क्षेत्र व सेल की खदानों से स्क्रैप की निरंतर व खुलेआम चोरी हो रही है. [wpse_comments_template]
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