शास्त्री अध्यक्ष और सरोज कुमार बने हजारीबाग वूशु एसोसिएशन के सचिव
तमाम योजनाएं अधूरी पड़ी है
उनके इन्हीं हरकतों के कारण पंचायत का आय-व्यय और सेशन की योजनाओं की जानकारी किसी को नहीं मिल पाती है. पंचायत सचिव अपने स्तर से आयोजित पंचायत स्तरीय बैठक में मुखिया, उप मुखिया एवं वार्ड मेम्बर आदि को कभी नहीं बुलाते हैं. जब उन्हें पंचायत या ग्राम सभा की बैठक में बुलाया जाता है तो वह तरह-तरह का बहाना कर बैठक में शामिल नहीं होते हैं. इससे पंचायत के सभी ग्रामवासियों को पंचायत स्तर से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इनकी 7-8 साल के कार्यकाल में उक्त पंचायत में तमाम योजनाएं अधूरी एवं धरातल पर उतर नहीं पायी है. उक्त अधूरे योजनाओं की भी जांच होनी चाहिए. ग्रामीणों ने कहा कि उनके कार्याकाल में पंचायत स्तरीय पानी टैंकर, स्ट्रीट लाईट, पंचायत भवन में बिजली एवं पंखा, रंगाई-पोताई, पंचायत कार्यालय में कम्प्यूटर सेट छोड़ना, कार्यालय में टेबल-कुर्सी आदि तमाम मामलों की जाँच होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-complaint-to-governor-for-not-giving-reservation-to-sc-in-civil-court-recruitment/">जमशेदपुर: सिविल कोर्ट की बहाली में अनुसूचित जाति को आरक्षण नहीं दिए जाने की राज्यपाल से शिकायत [wpse_comments_template]

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