- तीन वर्षों से 22 ट्रांसफॉर्मर हैं खराब
- ग्रामीण अंधेरे में रहने को हैं मजबूर
: सर्दी, जुकाम व वायरल फीवर से पीड़ित 70 मरीज आ रहे प्रतिदिन रोवाम से सटा बियुबेड़ा गांव में 40 परिवार रहते हैं, लेकिन पिछले पांच वर्षों से वहां का खराब ट्रांसफॉर्मर खोलकर विभाग ले गया, जो आज तक नहीं लगाया गया. किरिंगकोचा-चल्पागड़ा में 15 परिवार रहते हैं लेकिन आज तक बिजली नहीं पहुंची है. इसके अलावे कई अन्य टोला का ट्रांसफॉर्मर भी खराब है. सभी ग्रामीण अंधेरे में वर्षों से रह रहे हैं. इसे भी पढ़ें : Ghatshila">https://lagatar.in/ghatshila-police-cleared-the-ground-from-nomadic-people/">Ghatshila
: खानाबदोश लोगों से पुलिस ने मैदान कराया खाली इसके अलावे दोदारी प्लस-टू उच्च विद्यालय में 400 बच्चे हैं, लेकिन कमरा के अभाव में दो और तीन वर्ग के छात्र-छात्रायें एक-एक कमरा में पढ़ने को मजबूर हैं. इस विद्यालय में छह अतिरिक्त कमरा बनाने की मांग डीडीसी से की गई है. उन्होंने कहा कि दुईया गांव का सोलर चालित जलमीनार वर्षों से खराब है, जिसकी शिकायत करने के बावजूद ठीक नहीं की गई है. इन सारी समस्याओं को लेकर विभाग को अंतिम आवेदन दिया जायेगा और 15 दिन के बाद सलाई चौक के पास ग्रामीणों के साथ सड़क जाम कर दिया जायेगा. इसे भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-health-awareness-session-organized-on-cervical-cancer-in-central-public-school-adityapur/">Adityapur
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