Kiriburu : डीएमएफटी फंड से सारंडा के छोटानागरा पंचायत अन्तर्गत बाईहातु गांव में बना जल मीनार से पेयजल की आपूर्ति की जाती है. लेकिन इसका लाभ उक्त पंचायत के बाईहातु, जोजोगुटू, जामकुंडिया, सोनापी, राजाबेड़ा, बहदा, दुबिल, छोटानागरा गांव के विभिन्न टोलों के ग्रामीणों को नहीं मिलने से उनमें भारी नाराजगी है. सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम, जोजोगुटू के मुंडा कानूराम देवगम, राजाबेड़ा के मुंडा जामदेव चाम्पिया ने बताया कि गांव के विभिन्न टोला में उक्त पेयजलापूर्ति का लाभ नहीं मिल रहा है. गांव में कुछ टोलोंं में पानी पाइप लाइन बिछा कर नल भी लगा दिया गया है, जबकि कुछ टोलों में आज तक पाइप लाइन नहीं बिछाया गया है जिससे अनेक टोला के लोग पानी से वंचित हैं.
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alt="" width="300" height="135" /> कुछ टोला में नल लगा होने के बावजूद जब पानी सप्लाई होता है तो नल से सिर्फ हवा आता है, लेकिन पानी नहीं. उन्होंने बताया कि बाईहातु के सेतारुईया टोला, छोटानागरा का कंशगढ़, बढुईया, धर्मगुटू टोला, सोनापी का हेन्देबुरु, पारोमसाई, दिऊरी टोला, जोजोगुटू का पारोमसाई टोला, दुबिल का हेंदेदिरी टोला, जामकुंडिया का छोटा जामकुंडिया एवं राजाबेड़ा के विभिन्न टोला के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ सुबह में एक घंटा के लिये पानी सप्लाई होता है, लेकिन शाम में नहीं होता है. पानी सप्लाई करने वाले कर्मचारी ने बताया कि ठेकेदार काफी कम वेतन देता है और समय पर नहीं देता है. जिस वजह से वह अधिक समय नहीं देकर रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था में लगा रहता है. इसे भी पढ़ें : पोटका">https://lagatar.in/three-orphaned-brothers-and-sisters-of-potkas-bhatin-village-want-to-start-a-new-life-with-the-help-of-the-government/">पोटका
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कुछ टोलों में नल लगा लेकिन पानी नहीं पहुंच रहा
alt="" width="300" height="135" /> कुछ टोला में नल लगा होने के बावजूद जब पानी सप्लाई होता है तो नल से सिर्फ हवा आता है, लेकिन पानी नहीं. उन्होंने बताया कि बाईहातु के सेतारुईया टोला, छोटानागरा का कंशगढ़, बढुईया, धर्मगुटू टोला, सोनापी का हेन्देबुरु, पारोमसाई, दिऊरी टोला, जोजोगुटू का पारोमसाई टोला, दुबिल का हेंदेदिरी टोला, जामकुंडिया का छोटा जामकुंडिया एवं राजाबेड़ा के विभिन्न टोला के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ सुबह में एक घंटा के लिये पानी सप्लाई होता है, लेकिन शाम में नहीं होता है. पानी सप्लाई करने वाले कर्मचारी ने बताया कि ठेकेदार काफी कम वेतन देता है और समय पर नहीं देता है. जिस वजह से वह अधिक समय नहीं देकर रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था में लगा रहता है. इसे भी पढ़ें : पोटका">https://lagatar.in/three-orphaned-brothers-and-sisters-of-potkas-bhatin-village-want-to-start-a-new-life-with-the-help-of-the-government/">पोटका
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