- एनएसआईपीएल की दबंगता से ग्रामीणों में आक्रोश, सड़क पर उतरने की तैयारी
- मनोहरपुर के मीना बाजार वाया पोंगा जंक्शन की 13 किलोमीटर सड़क के टूटने का खतरा
: शहर को स्वच्छ बनाने में सभी का सहयोग जरुरी – सीजीएम
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सड़क टूटेगी, तो उसे बनायेगा कौन
उल्लेखनीय है कि मीना बाजार से गिंडुग, कोलभंगा होते हुए पोंगा गांव तक लगभग 20 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से पीएमजीएसवाई योजना से जमशेदपुर की कंपनी मेसर्स विजय शंकर मिश्रा ने बनाकर वर्ष 2022 में पूर्ण किया था. सड़क निर्माण के बाद पांच वर्ष तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी विजय शंकर मिश्रा की है. हालांकि 20 किलोमीटर लंबी सड़क में 13 किलोमीटर सड़क का इस्तेमाल एनएसआईपीएल अयस्क ढुलाई हेतु प्रारम्भ की है. जब इसपर क्षमता से अधिक भार वाली मालवाहक वाहनें लौह अयस्क लेकर चलेगी तो सड़क टूटेगी, तो फिर उसे कौन बनायेगा. यह बड़ा सवाल बना हुआ है. इसे भी पढ़ें : Goilkera">https://lagatar.in/goilkera-jagat-majhi-expressed-gratitude-to-the-party-leadership-on-being-made-the-candidate-from-manoharpur/">Goilkera: मनोहरपुर से प्रत्याशी बनाए जाने पर जगत माझी ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया
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नहीं हो रहा झारखंंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी के निर्देशों का पालन
दूसरी ओर, झारखंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर जय प्रकाश सिंह ने सेल की मनोहरपुर ओर माइन्स (चिड़िया) के सीजीएम कमल भास्कर को 26 जुलाई 2022 को पत्र लिखकर कहा था कि आपने मीना बाजार से पोंगा जंक्शन तक (13 किलोमीटर) उक्त ग्रामीण सड़क पर सिर्फ खाली टिपर चलाने हेतु अनुरोध किया है और उक्त सड़क का निर्माण भारी वाहनों के चलने लायक सेल के पैसे से कराने की बात कही है. इसके आधार पर चीफ इंजीनियर ने सीजीएम कमल भास्कर को निर्देश दिया था कि मेसर्स एनएसआईपीआई श्रमिकों की छंटनी के आदेश को वापस ले, ताकि बड़े पैमाने पर अशांति, विरोध आदि समस्याओं को रोका जा सके. मीनाबाजार से पोंगा जंक्शन तक खाली टिपरों के चलने के लिए तत्काल प्रभाव अनुमति दी जाती है. तीन सप्ताह के बाद जेएसआरआरडीए के अधिकारी खाली टीपरों के चलने से हुई क्षति का आकलन करने के लिए सड़क का दौरा करेंगे और सेल अधिकारियों को आगे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे. मीना बाजार से पोंगा जंक्शन तक सड़क के सुदृढ़ीकरण के दौरान, खाली टीपर उसी सड़क पर चलते रहेंगे. पीएमजीएसवाई सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा होने तक लोडेड टीपरों का परिवहन पाथरबासा के माध्यम से वैकल्पिक सड़क के माध्यम से जारी रहेगा. इसे भी पढ़ें : प्रियंका">https://lagatar.in/priyanka-gandhi-entered-the-electoral-fray-for-the-first-time-filed-nomination-from-wayanad/">प्रियंकागांधी पहली बार चुनावी समर में उतरीं, वायनाड से भरा नामांकन पीएमजीएसवाई सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा होने पर, लोडेड टीपर्स को मीना बाजार से पोंगा जंक्शन तक उसी सड़क पर चलने की अनुमति दी जाएगी. इस सड़क को और मजबूत बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है, ताकि भारी भरकम टीपर चलाए जा सकें. जेएसआरआरडीए आरसीडी द्वारा प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है. अनुमानित लागत सेल द्वारा जमा की जाएगी, जब ऐसा करने के लिए सूचित किया जाएगा. सेल, उस समय पांच साल के रख-रखाव की लागत भी जमा करेगा. सड़क के पूरा होने और पांच साल तक रख-रखाव के बाद, सेल द्वारा सड़क के उपयोग के अधीन इस सड़क के वार्षिक रखरखाव के लिए जेएसआरआरडीए/आरसीडी को निधि प्रदान करेगा. सेल द्वारा अपेक्षित निधि जमा करने के बाद, सड़क का निर्माण 4-5 महीने में किया जाएगा. आईएसआरआरडीए आरसीडी, 15 दिनों के भीतर प्राक्कलन का एसएएल को उपलब्ध कराएगा. मेसर्स एनएसआईपीएल पीएमजीएसवाई के तहत अधूरे सड़क खंड (2-3 किमी) पर खाली टीपर चलाने के कारण होने वाली किसी भी आकस्मिक क्षति की मरम्मत के लिए होने वाली लागत को वहन करेगा. चीफ इंजीनियर ने सेल और एनएसआईपीआई के अधिकारियों से उपरोक्त निर्देशों का पालन करने का निर्देश जारी किया था. लेकिन एनएसआईपीएल द्वारा झारखंंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी के निर्देशों का पालन नहीं कर ग्रामीण सड़क से लौह अयस्क की ढुलाई प्रारम्भ कर दिया है जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है. इसे भी पढ़ें : Baharagoda">https://lagatar.in/baharagoda-nodal-officer-inspected-polling-centers-and-clusters/">Baharagoda
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