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किरीबुरू : सारंडा में वन महोत्सव मनाने की आखिर क्यों पड़ रहीं है जरूरत ?

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Kiriburu (Shailesh Singh) : प्राकृतिक सुषमा, संरचना, वन व खनिज सम्पदा से परिपूर्ण तथा 700 पहाड़ियों की घाटी के नाम से विख्यात एशिया प्रसिद्ध सारंडा जंगल हमारी धरोहर है. लेकिन इस जंगल में वन महोत्सव मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है ! वजह साफ है कि सारंडा जंगल से पेड़-पौधों की कटाई निरंतर जारी है. जंगल घना व बढ़ने के बजाय सिमट रहा हैं. आखिर ऐसी स्थिति क्यों आई. झारखंड आंदोलन के दौरान वर्ष 1980 के दशक में झारखंड (तब का बिहार) के विभिन्न जिलों से हजारों लोग अपने परिवार व बच्चों के साथ अपना पुराना गांव व घर को छोड़ सारंडा जंगल आये थे. सारंडा आने की वजह शायद उनके गांवों में उक्त आवश्यकताओं को पुरा करने के संसाधन व पर्याप्त जमीन नहीं रहा हो, अलग-अलग समूह में सारंडा आये लोग सारंडा वन प्रमंडल के विभिन्न रेंज व बीट क्षेत्र के जंगलों में बस गए. इस अवैध कार्य को करने के दौरान अनेकों बार वन विभाग से झड़प भी हुई, गुवा गोली कांड इसी का गवाह है. इसे भी पढ़ें :चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-26-villagers-have-died-in-elephant-attacks-since-may-2018-dozens-have-been-injured/">चाकुलिया

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बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह से वंचित

[caption id="attachment_688921" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/SARANDA-JANGAL-2-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> जंगल में काटे जा रहे पेड़.[/caption]

 

सारंडा वन क्षेत्र में जितनी खनिज व वन संपदा है, उससे कहीं अधिक समस्याएं भी है. अर्थात सारंडा के गर्भ में लौह अयस्क रूपी खनिज सम्पदा तो जमीन के उपर वन सम्पदा है. इसके बावजूद यहां निवास करने वाले वनवासी अथवा आम नागरिक बेरोजगारी, भुखमरी के साथ बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह से वंचित हैं. सारंडा में सेल जैसे महारत्न कंपनी की चार खादानें किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा, चिड़िया के अलावे दर्जनों प्राईवेट खदानें प्रारम्भ से संचालित रही है. इन खादान प्रबंधनों की भी जिम्मेदारी रही है कि वह खदान क्षेत्र के गांवों के लोगों को नौकरी व रोजगार के साथ-साथ सर्वागीण विकास करें, लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायें. दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि नयी खदानों को खोलने के लिये जितना पेड़ काटा जा रहा है उतना वे नहीं लगा रहे है. बाहरी माफियाओं द्वारा जारी लकड़ी की तस्करी पर पूर्ण रोक लगे. ऐसे कुछ कार्यों से सारंडा जंगल में वन महोत्सव मनाने की जरूरत शायद नहीं पडे़. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-raid-campaign-against-illegal-lottery-started-one-arrested/">चाईबासा

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