Kiriburu (Shailesh Singh) : वट सावित्री व्रत के अवसर पर पति की लंबी आयु के लिये किरीबुरु-मेघाहातुबुरु की महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र के समीप बरगद (वट) के पेड़ की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की. इस दौरान सावित्री व सत्यवान की पौराणिक कथायें भी सुनायी गईं. महिलाएं स्नान व नये वस्त्र पहन, पूरा शृंगार व उपवास कर वट वृक्ष पास पूजा की थाल लेकर पहुंची. बरगद के पेड़ को परिक्रमा कर उसमें कच्चे धागा लपेटी. ऐसी मान्यता है कि वट सावित्री व्रत करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है. यानि उनका सुहाग अजर अमर रहता है. इसे भी पढ़ें : सुप्रीम">https://lagatar.in/two-new-judges-took-oath-in-the-supreme-court-today-is-the-last-working-day-of-three-retiring-judges/">सुप्रीम
कोर्ट में दो नये जजों ने शपथ ली, रिटायर हो रहे तीन जजों का आज अंतिम कार्य दिवस मान्यता यह भी है कि बरगद की शाखाओं और लटों को मां सावित्री का रूप माना जाता है. देवी सावित्री कठिन तपस्या से अपने पति के प्राण यमराज से वापस ले आई थी. वट वृक्ष को ब्रम्हा, विष्णु और महेश का स्वरूप माना जाता है. यह प्रकृति का इकलौता ऐसा वृक्ष है, जिसे तीनों देवता का एक रूप माना गया है. यानि वटवृक्ष की पूजा करने से तीनों देवता प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस पूजा के बाद पत्नी अपने पति को पंखा हिलाकर शर्बत पिलाने व प्रसाद खिलाने का भी कार्य की. [wpse_comments_template]
किरीबुरु : पति की लम्बी आयु के लिये महिलाओं ने की वट सावित्री पूजा

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