Kiriburu : सारंडा के गंगदा पंचायत अन्तर्गत काशिया-पेचा गांव में सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम और मुंडा सिंगा सुरीन की संयुक्त अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई. इसमें सारंडा के विभिन्न गांवों के मुंडा, डकुवा, दिऊरी ने सेल की गुवा खदान प्रबंधन से जुड़े मामलों पर चर्चा की. बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा गुवा खदान प्रबंधन द्वारा खदान से प्रभावित गांवों को नजरअंदाज कर सिर्फ गुवा शहर से सटी बस्तियों, लोगों का विकास और उन्हें रोजगार मुहैया कराने का गंभीर आरोप लगाया गया. मानकी लागुड़ा देवगम और गांव के मुंडा सिंगा सुरीन ने कहा कि गुवा खदान से काशिया-पेचा, जोजोगुटू, राजाबेड़ा, जामकुंडिया, छोटानागरा, बाईहातु, लेम्ब्रे समेत कई अन्य गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इन गांवों के बेरोजगारों को स्थायी नौकरी के अलावे अस्थायी नोट सीट, ठेका व सप्लाई मजदूर के रूप में रोजगार नहीं दिया गया तो जल्द ही गुवा खदान का उत्पादन व माल ढुलाई का काम अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह से ठप कर देंगे.

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के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 315 अंक मजबूत, सभी सेक्टर में लिवाली उन्होंने कहा कि गुवा प्रबंधन द्वारा प्रारम्भ से ही इन गांवों के शिक्षित बेरोजगारों को खदान में रोजगार, कौशल विकास व स्वरोजगार का प्रयास, बेहतर शिक्षा, चिकित्सा व शुद्ध पेयजल सुविधा के अलावे गांवों का सर्वागीण विकास आदि का कार्य नहीं किया जा रहा है. बैठक में राजाबेड़ा गांव के मुंडा जामदेव चाम्पिया, जामकुंडिया के मुंडा कुशु देवगम, लेम्ब्रे के मुंडा लेबेया देवगम, उप प्रधान देवेन्द्र देवगम, सुरदन सुरीन, रुईदास सुरीन, मंगता सुरीन के अलावे डकुवा, दिऊरी, महिलाएं व ग्रामीण मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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