Lagatar Desk: केंद्रीय तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर 26 नवंबर से किसानों का आंदोलन शुरू हुआ लेकिन 6 दौर की वार्ता बेनजीता रही. 7वें दौर में किसानों की सरकार के साथ हुई बातचीत में आधा मुद्दों पर सहमति बनने की दोनों पक्षों ने बात कही. बताते चलें की किसानों की सरकार के साथ सोमवार को आठवें दौर की बातचीत जारी है. कयास लगाए जा रहे हैं कि आज की बातचीत सकारात्मक रहेगी. जानें कब कब हुई आंदोलनरत किसानों की सरकार के साथ वार्ता
के समर्थन में धर्मेंद्र ने किया ट्वीट
मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची विधानसभा, अध्यक्ष ने दायर की SLP
- 1 दिसंबर: सरकार के साथ हुईं दो बैठकें
के समर्थन में धर्मेंद्र ने किया ट्वीट
- 3 दिसंबर: किसानों ने नहीं खाया सरकारी खाना
- 5 दिसंबर: पांचवें दौर की बैठक
- 8 दिसंबर: किसान संगठनों ने किया भारत बंद का आह्वान
- 10 दिसंबर: किसान आंदोलन में पोस्टर वार
- 15 दिसंबर: प्रधानमंत्री ने कच्छ के किसानों से की बात
मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची विधानसभा, अध्यक्ष ने दायर की SLP
- 17 दिसंबर को दिल्ली विधानसभा में सीएम अरविंद केजरीवाल ने कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ीं और इस कानून का विरोध किया.
- 18 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के किसानों के साथ बातचीत की और उन्हें नए कृषि कानूनों के बारे में जागरूक किया.
- 25 दिसंबर को प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसान निधि योजना की किस्त किसानों की खाते में डाली. इस योजना से देशभर के नौ करोड़ किसान लाभान्वित हुए. किसानों के बीच 18 हजार करोड़ रुपये वितरित किये गए.
- 30 दिसंबर को किसानों और सरकार के बीच सातवें दौर की वार्ता हुई. कई घंटों तक चली बैठक में किसानों और सरकार के बीच दो बातों पर सहमति बन गई. जिसके बाद किसानों ने सरकार के सकारात्मक रूख की प्रशंसा की और बताया कि सरकार के साथ उनकी दो मांगों पर सहमति बन गई है.
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