Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

कोडरमा : 10 अग्निवीरों का सेना में चयन, ट्रेनिंग से वापस लौटने पर भव्य स्वागत

Advertisement
Advertisement
Koderma इंडियन डिफेंस अकादमी, झुमरी तिलैया के मार्गदर्शन में 10 अग्निवीरों का सेना में चयन हुआ. ट्रेनिंग से वापस लौटने पर झुमरी तिलैया के इंडियन डिफेंस अकादमी में उनका भव्य स्वागत किया गया. कृष्णा कुमार, सचिन कुमार, रामजी यादव, दीपक यादव, अरविंद यादव, अनिल यादव, सुनील यादव, सुमन कुमार, शुभम सिंह, पंकज यादव का चयन सेना में अग्निवीरों के रूप में हुई है. अग्निवीरों ने बताया कि हमलोग इंडियन डिफेंस अकादमी, झुमरी तिलैया में प्रैक्टिस करते थे. हर रोज सुबह 4 बजे उठकर यहाँ आते थे और सुभाष सर, सोनू सर और प्रशांत सर ने मिलकर हमें ट्रेनिंग दी. हमलोग लगातार 4-5 घंटे प्रैक्टिस करते थे, तब जाकर हमारा सेलक्शन हो पाया. इसे भी पढ़ें :BIG">https://lagatar.in/big-news-former-mla-sanjeev-singh-rims-referred-to-aiims-in-repeated-brain-stroke-and-depression/">BIG

NEWS : रिपीटेड ब्रेन स्ट्रोक व अवसाद में पूर्व विधायक संजीव सिंह, रिम्स ने एम्स रेफर किया

अग्निवीर योजना अच्छी स्कीम : अग्निवीर

अग्निवीरों ने कहा कि अग्निवीर योजना को लेकर काफी अफवाहें फैली हुई थी कि यह केवल 4 साल की स्कीम है. उसके बाद जिनका 25% में रिटेन नहीं हो पाया तो उन लोगों का क्या होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी सरकार इसके ऊपर काम कर रही है. इसलिए अब मैं नहीं समझता हूं कि 4 साल का जो स्कीम है वह खराब है. मैं भी पहले मानता था कि यह लड़कों के भविष्य के साथ खेला जा रहा, लेकिन अब मैं समझता हूं कि यह बहुत ही बढ़िया स्कीम है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/16rc_m_140_16082023_1-2.jpg"

alt="" width="600" height="400" />

4 साल हो या 17 साल की सर्विस, इंडियन आर्मी की वर्दी ही काफी है : ट्रेनर

वहीं ट्रेनर सुभाष यादव ने कहा कि इंडियन आर्मी का जो वर्दी है वह 4 साल का हो या 17 साल का, वह मायने नहीं रखता. मायने यह रखता है कि हम इंडियन आर्मी हैं. जिन लोगों को इस वर्दी से प्यार है वह उनके लिये सालों की गिनती कभी मायने नहीं रखता. यह सारे अग्निवीर ट्रैंनिंग लेकर हमलोगों से मिलने आये जिससे हमलोग काफी खुश हैं. इस वर्दी को पाने के लिये बहुत ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. सुबह 4 बजे उठकर ग्राउंड आना पड़ेगा और फिर प्रैक्टिस करनी पड़ेगी तभी आपका 1600 मीटर का लक्ष्य पूरा होगा. इस लाइन में जाने के लिये आपको पहले दौड़ निकालना होगा तब फिर लिखित परीक्षा. ट्रेनर सुभाष यादव ने बताया कि मैं भी चाहता था कि मैं एक फौजी बनूं लेकिन कुछ कारणवश मेरा सलेक्शन नहीं हो पाया. मैं पिछले तीन-चार साल से एक ट्रैंनिंग सेंटर शुरू किया जहां ट्रेनिंग दे रहा हूं. मुझे बहुत गर्व महसूस होता है जब हमारे सेंटर से ट्रेनिंग लिये बच्चों का इंडियन आर्मी में सिलेक्शन होता है. मौके पर इंडियन डिफेंस अकादमी के डायरेक्टर सोनू कुमार ट्रेनर सुभाष यादव, प्रशांत तिवारी व अन्य मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें :गुरु">https://lagatar.in/independence-day-celebrated-with-pomp-in-guru-nanak-high-school/">गुरु

नानक हाई स्कूल में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस, बच्चों ने देशभक्ति गीत गाये
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही