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कोडरमा : पीवीएस डीएवी पब्लिक स्कूल में पुस्तक समीक्षा प्रतियोगिता

Koderma : पीवीएस डीएवी पब्लिक में इंग्लिश साहित्य क्लब द्वारा ``पुस्तक समीक्षा प्रतियोगिता`` का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि सह गेस्ट स्पीकर और निर्णायक की भूमिका उदय द्विवेदी निभा रहे थे. वहीं अधिवक्ता एवं समाज सेवी टाइम्स ऑफ़ इंडिया के जाने माने पत्रकार मनोज कुमार सिंह भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने दोनो अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया. वहीं विद्यालय के बच्चों ने स्वागत गीत गाये. इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-ssp-anti-crime-checking-and-night-patrolling-came-out-in-the-city-at-midnight/">जमशेदपुर

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इन पुस्तकों की समीक्षा हुई

अपने स्वागत संबोधन में दोनों अतिथियों ने साहित्यिक खूबी के बारे में बच्चों को बताया. यह प्रतियोगिता कक्षा आठवीं से लेकर बारहवीं तक के बच्चों के बीच करवाई गई. कक्षा आठवीं के बच्चे द्वारा रस्किन बांड द्वारा लिखित ``द ब्लू अंब्रेला``पुस्तक की समीक्षा की गई.वहीं कक्षा नवमी के ने सुधा मूर्ति द्वारा लिखित``ग्रैंडमा ``स बैग ऑफ स्टोरिज`` पुस्तक की समीक्षा की. कक्षा दसवीं के बच्चों ने विक्रम सेठ द्वारा लिखित ``फ्रॉम हेवन लेक``पुस्तक की समीक्षा की. कक्षा ग्यारहवीं के बच्चों ने नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित ``इक्जाम वॉरियर्स`` पुस्तक की समीक्षा की तो वहीं बारहवीं के बच्चों ने स्टीफन रिचर्ड कोवी द्वारा लिखित ``द सेवेन हैबिट्स ऑफ हाईली इफेक्टिव पीपल``पुस्तक की समीक्षा की. इसे भी पढ़ें-बिहार">https://lagatar.in/bihar-3-die-again-due-to-poisonous-liquor-police-denies/">बिहार

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अव्वल रहे आयुष राज

कक्षा आठवीं से बारहवीं के बीच हुई पुस्तक समीक्षा प्रतियोगिता में कक्षा ग्यारहवीं विज्ञान के आयुष राज ने दमदार प्रस्तुति दी और प्रथम स्थान पर रहे. द्वितीय स्थान ग्यारहवीं वाणिज्य की कोमल ने प्राप्त किया तो वहीं तृतीय स्थान पर कक्षा दसवीं की नेहा रानी रहीं. मंच का संचालन महज़बी प्रवीण ने किया. धन्यवाद ज्ञापन कुमार सतीश सिंह के द्वारा किया गया. इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने बच्चों के पुस्तकों के प्रति रुचि और गहराई से अध्ययन-मनन करने की क्षमता की सराहना की. उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में पुस्तकों के प्रति रुचि उत्पन्न करती है. उनके शब्द भंडार में वृद्धि होती है और वे वाकपटु होते हैं. उनमें लेखन क्षमता का भी विकास होता है. साथ ही साहित्य समाज एक नए लेखक से परिचित होता है. उन्होंने आशा व्यक्त किया कि इस तरह की प्रतियोगिता अवश्य ही नयी प्रतिभाएं उत्पन्न करेंगी. [wpse_comments_template]

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