Koderma: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU) का 52वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस अवसर पर श्रम और पूंजी के संघर्ष में मजदूरों की एकता को और मजबूत किए जाने का संकल्प लिया गया. सीटू राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान ने मजदूर आंदोलन में सीटू की एकता और संघर्ष के 52 साल की गौरवशाली इतिहास की याद दिलाई. संजय पासवान ने कहा कि देश का सबसे जुझारू और संघर्षशील मजदूर संगठन सीटू की सफलताओं में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं की कुर्बानी है. अपनी जान तक गवांकर लाल झंडा उठाये रखने का योगदान है. 1970 में अगर सीटू नहीं बनता तो बहुत मुमकिन था कि देश का श्रमिक आंदोलन अपनी धार ही नहीं, बल्कि अस्तित्व भी खो बैठता. अपने श्रम से देश के लिए अकूत धन पैदा करने वाले मजदूरों को शासक वर्ग के द्वारा हाशिये पर धकेलने की साजिश की जा रही है. मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए संविधान में प्रदत्त 38 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड में बदल दिया गया है. जिसके खिलाफ मजदूर वर्ग लड़ रहा है. इसके लिए हम सभी को एक होना होगा. इसे भी पढ़ें- चांडिल">https://lagatar.in/chandil-chhau-dance-of-ichagarh-seen-in-the-closing-match-of-ipl-2022-at-narendra-modi-stadium-ahmedabad/">चांडिल
: नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद में आईपीएल के समापन मैच में दिखा ईचागढ़ का छऊ डांस उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर दिया है. केंद्र सरकार ने जनता पर महंगाई और बेरोजगारी का बोझ डाल दिया है. सीटू नेता रमेश प्रजापति ने कहा कि आज हर तबके के कामगार चाहे वह मैन्युफैक्चरिंग या सेवा क्षेत्र में हो, संगठित हो या असंगठित, स्कीम वर्कर, आउटसोर्स, ठेकेदार, अनौपचारिक क्षेत्र या गिग वर्कर के रूप में काम कर रहे हो, वे अपने जीवन और आजीविका पर किसी न किसी हमले का सामना कर रहे हैं. इसके खिलाफ मजदूर वर्ग को एक होना होगा. कार्यक्रम में महेन्द्र तुरी, अशोक रजक, डालेश्वर राम, शिवपुजन पासवान और जितेंद्र कुमार मौजूद थे. इसे भी पढ़ें- फहीम">https://lagatar.in/faheem-murder-case-life-imprisonment-for-arafat-alias-arshad-and-mo-zahid-of-hindpiri/">फहीम
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कोडरमा: CITU ने मनाया 52वां स्थापना दिवस, मजदूर एकता पर जोर

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