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कोडरमा : संजय यादव सहित चार को 7-7 साल सश्रम कारावास की सजा

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Koderma : तिलैया थाना कांड संख्या 237/2021, ST 31/2022 के आरोपी संजय यादव, दीपक कुमार, अजीत कुमार एवं बबलू यादव को सोमवार को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 7-7- साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि नहीं दिए जाने पर आरोपियों को 1-1 वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय तरुण कुमार की अदालत में हुई. कोर्ट ने चारों को अंडर सेक्शन 25 (1A) /35 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया. आरोपी संजय यादव, पिता स्व. दुखी यादव, नवादा बस्ती, थाना तिलैया, जिला कोडरमा, दीपक कुमार, पिता सुरेश पासवान, गझंडी, अजीत कुमार,पिता द्वारिका यादव, जयनगर एवं बबलू यादव, मोरियामा, थाना तिलैया का रहनेवाला है. इसे भी पढ़ें : बड़ी">https://lagatar.in/big-news-businessman-vishnu-agarwal-arrested-by-ed-after-questioning/">बड़ी

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क्या है मामला

कोडरमा- तत्कालीन तिलैया थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि गझंडी स्टेशन के नजदीक क्वार्टर के पास संजय यादव एवं अन्य 5-7 लोग हथियार के साथ खड़े हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं. थाना प्रभारी दल बल के साथ वहां पहुंचे. पुलिस को देखते ही संजय एवं अन्य भागने लगे. पुलिस द्वारा खदेड़कर दीपक कुमार एवं अजीत कुमार को पकड़ा गया. तलाशी के दौरान दीपक कुमार के पास से एक देसी कट्टा एवं कुछ कारतूस मिले थे. वहीं अजीत के पास से एक कारबाइन जैसा लोडेड देसी कट्टा जिसे खोलने पर एक जिंदा गोली एवं उसके पास से एक अन्य जिंदा गोली एवं कई मोबाइल बरामद किया था. वहीं कार की पिछली सीट से एक भुजाली, एक खुकड़ी चाकू बरामद किया गया. भागने वालों का नाम पूछने पर उन दोनों ने बताया कि संजय यादव, शिवम यादव कानपुर एवं बिट्टू खूंटी जो संजय यादव का बॉडीगार्ड है एवं बबलू यादव मौरीयावां निवासी शामिल था. साथ ही बताया था कि सभी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए आए हुए थे. पुलिस ने फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया. सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. साथ ही इस तिलैया थाना में मामला दर्ज कराया था. जिसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई. अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक पीपी पीके मंडल ने किया. इस दौरान सभी 8 गवाहों की गवाही कराई गई. लोक अभियोजक पीपी मंडल ने कार्रवाई के दौरान न्यायालय से अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मंटू सिंह ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया. [wpse_comments_template]

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