: 30 तक एनओसी न मिला तो अस्थाई संबद्धता वाले कॉलेजों में नामांकन नहीं
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पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन मौन
महिला की मौत होने के बाद क्लीनिक संचालक, डॉक्टर एवं सभी कर्मी मौके से फरार हो गए. इसके बाद क्लीनिक में भर्ती अन्य महिला मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे लेकिन देर शाम तक कोई भी कर्मी क्लीनिक नहीं पहुंचा. क्लीनिक में भर्ती अन्य मरीज के परिजन अपने लोगों को बेहतर इलाज के लिए शहर के दूसरे क्लीनिक ले गए. क्लीनिक में इलाजरत मरीजों ने बताया कि अपने गांव की एएनएम की सलाह पर इलाज के लिए यहां पहुंचे थे. लेकिन यहां की स्थिति को देखने के बाद उन्हें भी अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है. घटना की सूचना के बाद तिलैया थाना प्रभारी राम नारायण ठाकुर पुलिस अवर निरीक्षक आनंद मोहन एवं आनंद शाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. जिसके बाद पुलिस के द्वारा भी क्लीनिक के संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया गया. लेकिन प्रबंधन की तरफ से कोई भी सामने नहीं आया. इससे पहले भी कई बार इस राजेंद्र क्लीनिक में इलाज के दौरान मरीजों की मौत होने का मामला सामने आया है. इसके बावजूद भी कोडरमा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग राजेंद्र क्लीनिक पर बड़ी कार्रवाई करने से हमेशा बचती रही है. इसे भी पढ़ें–रांची">https://lagatar.in/ranchi-pink-clouds-are-falling-in-the-evening-there-will-be-a-feeling-of-cold-in-three-to-four-days/">रांची: शाम होते ही छा रहे गुलाबी बादल, तीन चार दिनों में ठंड का होगा एहसास
अस्पताल में गंदगी का अंबार
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम राजेंद्र क्लीनिक में जांच के लिए पहुंची. तो जानवरों के तबेले से भी बदतर बेड और बिस्तर का हाल देखकर कोडरमा एसडीएम मनीष कुमार पर जमकर भड़के और अस्पताल को सील करने का आदेश दे दिया. अस्पताल के ऊपरी तल्ले में कई जगह शराब की बोतल और सिगरेट पाए गए. कोडरमा एसडीएम मनीष कुमार अस्पताल के इस कबाड़ हालत को देखकर काफी भड़क गए और अस्पताल के संचालक और कर्मियों पर भी कार्रवाई की बात कही. चंद पैसों के लिए निजी क्लीनिक संचालक किसी भी मरीज को किसी दलाल की मदद से अपने पास एडमिट कर लेते हैं, लेकिन उनकी जान का इसका जिम्मेदार कौन होगा. जांच टीम में डॉक्टर अनिल कुमार, डॉ. मयूरी सिन्हा, डॉक्टर भारतीय सिन्हा, डॉ. संदीप कुमार, एसडीएम मनीष कुमार और सदर अस्पताल के डीडीएम मौजूद थे. इसे भी पढ़ें–चंदवा">https://lagatar.in/chandwa-bdo-does-not-know-how-many-applications-were-executed-in-the-government-program-at-your-doorstep/">चंदवा: सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में कितने आवेदनों का हुआ निष्पादन बीडीओ को नहीं पता ! [wpse_comments_template]

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