राशन कटौती के खिलाफ 29 सितंबर को प्रखंड कार्यालय पर होगा निर्माण मजदूरों का प्रदर्शन Koderma : भाजपा नीत नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मजदूर विरोधी केंद्र सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के आह्वान के साथ कन्स्ट्रक्शन वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और सीटू से सम्बद्ध झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन का मजदूर अधिकार कन्वेंशन संपन्न हो गया. साहू भवन झुमरीतिलैया में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता नागेश्वर दास, रविन्द्र भारती, राजेन्द्र पासवान व उषा देवी की चार सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने किया. कन्वेंशन में कई प्रस्ताव पारित किए गए. सुखाड़ में निर्माण मजदूरों को अगले छह माह तक दस किलो प्रति व्यक्ति मुफ्त अनाज और पांच हजार रुपये प्रति माह सुखाड़ राहत राशि देने, जन वितरण प्रणाली व्यवस्था में मुफ्त अनाज के साथ पुरानी व्यवस्था एक रूपये किलो अनाज को लागू करने, राशन में कटौती पर डीलर पर कार्रवाई करने आदि मांगों को लेकर चर्चा की गई. अपनी मांगों को लेकर 29 सितंबर को प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया जायेगा. सीडब्लू़एफआई के आह्वान पर निर्माण मजदूरों की केन्द्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन में जिले से पांच हज़ार मजदूरों का हस्ताक्षर एकत्रित करने, लखीमपुर खीरी काण्ड की बरसी पर किसान व मजदूर संगठनों का 3 अक्टूबर को संयुक्त काला दिवस आंदोलन में शामिल होने का प्रस्ताव पारित किया गया. इसे भी पढ़ें :मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-passenger-injured-after-falling-from-moving-bus-condition-critical/">मनोहरपुर
: चलती बस से गिरकर खलासी घायल, हालत गंभीर
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/20rc_m_225_20092023_1-1.jpg"
alt="" width="600" height="360" />
काला शीशा लगी स्कार्पियो को रोकने पर हुआ हंगामा [wpse_comments_template]
: चलती बस से गिरकर खलासी घायल, हालत गंभीर
alt="" width="600" height="360" />
मजदूर वर्ग की घोर उपेक्षा : संजय पासवान
कन्वेंशन में भारी संख्या में मजदूर शामिल हुए. जिसमें महिलाओं की भूमिका उल्लेखनीय थी. कन्वेंशन का उदघाटन करते हुए सीटू नेता सीडब्लू़एफआई केन्द्रीय कमिटी सदस्य और झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन के महासचिव संजय पासवान ने कहा कि मजदूरों के पास खोने के लिए अपनी बेड़ियों के सिवाय और कुछ नहीं है. जीतने के लिए उनके सामने सारी दुनिया है. आज देश में उत्पादन व विकास की मुख्य ताकत मजदूर वर्ग की सिर्फ घोर उपेक्षा नहीं बल्कि 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड में बदलकर मजदूरों के कानूनी अधिकारों पर जबरदस्त हमला किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें :धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-uproar-over-stopping-of-scorpio-with-black-glass-on-it/">धनबाद:काला शीशा लगी स्कार्पियो को रोकने पर हुआ हंगामा [wpse_comments_template]
Leave a Comment