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1977 में चतरा से अलग होकर पहली बार अस्तित्व में आया कोडरमा लोकसभा क्षेत्र

  • कोडरमा लोकसभा क्षेत्र तीन जिलों में फैला है : कोडरमा, हजारीबाग और गिरिडीह
  • लोस क्षेत्र में 6 विधानसभा की सीटें हैं : कोडरमा, बरकट्ठा, धनवार, बगोदर, जमुआ और गांडेय

किस विस क्षेत्र में किस दल का कब्जा

  • कोडरमा : भाजपा
  • जमुआ : भाजपा
  • धनवार : भाजपा
  • बरकट्ठा: निर्दलीय
  • बगोदर : भाकपा माले
  • गांडेय : झामुमो विधायक के इस्तीफे के बाद रिक्त

रीतलाल प्रसाद वर्मा इस सीट से छह बार चुनाव जीते (1977 से 1999 तक)

Praveen Kumar Ranchi : अभ्रक खनन के लिए दुनिया भर में कोडरमा जिला प्रसिद्ध रहा है. इसी तरह राज्य की राजनीति में भी कोडरमा लोकसभा क्षेत्र चर्चित रहा है. छह विधानसभा क्षेत्र वाला कोडरमा लोकसभा सीट कोडरमा जिला समेत हजारीबाग और गिरिडीह जिले के कुछ इलाकों को मिलाकर बना है. इस संसदीय क्षेत्र में कोडरमा, बरकट्ठा, धनवार, बगोदर, जमुआ और गांडेय विधानसभा क्षेत्र आते हैं. कोडरमा लोकसभा सीट के इतिहास की बात करें, तो इसका गठन 1977 में हुआ था .फिलहाल इस सीट से सांसद बनीं अन्नपूर्णा देवी मोदी सरकार में मंत्री हैं. बाबूलाल मरांडी के भाजपा में शामिल होने के बाद यह सीट भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानी जा रही है.

1977 में हुआ पहला लोकसभा चुनाव

1977 में कोडरमा लोकसभा के लिए पहला चुनाव हुआ. भारतीय लोकदल के रीतलाल प्रसाद वर्मा 64.8 % वोट लाकर चुनाव जीते. वहीं कांग्रेस के चपलेंदु भट्टाचार्य को 20.4 % वोट मिला था.

1980 में वर्मा दुबारा जीते चुनाव

1980 के लोकसभा चुनाव में रीतलाल प्रसाद वर्मा जनता पार्टी से चुनाव लड़े. उन्हें 39.5% वोट मिले और चुनाव जीत गये, जबकि कांग्रेस के जावेद वारसी को 31.3 % वोट मिले.

1984 में पहली दफा कांग्रेस ने जीती सीट

1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के तिलकधारी सिंह ने इस सीट से जीत हासिल की थी. उन्हें 57% वोट मिले थे . वहीं भाजपा के रीतलाल प्रसाद वर्मा को 26.6% वोट मिले थे.

1989 में भाजपा की टिकट से रीतलाल फिर जीते

1989 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के रीतलाल प्रसाद वर्मा को 44.5 % वोट मिले और वे चुनाव जीत गये. वहीं कांग्रेस को 25.8 % वोट और झारखंड मुक्ति मोर्चा को 20.3 % वोट मिले.

पहली बार 1991 में जनता दल ने चुनाव जीता

1991 के लोकसभा चुनाव में जनता दल ने यहां से जीत दर्ज की. जनता दल के मुमताज अंसारी को 32.6 % वोट मिले. वहीं भाजपा के रीतलाल प्रसाद वर्मा को 29.7 फीसदी वोट मिले. कांग्रेस के तिलकधारी प्रसाद सिंह को 25.7 % वोट मिले.

1996 में फिर जीते रीतलाल प्रसाद वर्मा

1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के रीतलाल प्रसाद वर्मा एक बार फिर यहां से जीते. उन्हें 38.7 प्रतिशत वोट मिले. जनता दल के रमेश प्रसाद यादव को 31.2 %, कांग्रेस के उमेश चंद्र अग्रवाल को 11% और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सालखन सोरेन को 7.5 % वोट मिले.

1998 के चुनाव में फिर जीती भाजपा

1998 के लोकसभा चुनाव में यह सीट एक बार फिर भाजपा के खाते में आई. भाजपा के रीतलाल प्रसाद वर्मा 41.2 फीसदी वोट के साथ विजयी रहे. दूसरे स्थान पर राष्ट्रीय जनता दल के आबिद हुसैन रहे, उन्हें 26.8 % वोट मिले. वहीं कांग्रेस के तिलकधारी प्रसाद सिंह को 18 % वोट मिले.

1999 में कांग्रेस के तिलकधारी प्र. सिंह जीते

1999 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के तिलकधारी प्रसाद सिंह ने 45.4 %वोट लाकर चुनाव जीता. वहीं भाजपा के रीतलाल प्रसाद वर्मा को 43.8% वोट मिले थे.

2004 के लोकसभा चुनाव में झारखंड की एक मात्र सीट भाजपा ने जीती

झारखंड गठन के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव 2004 में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर बाबूलाल मरांडी ने जीत हासिल की. 2004 में कोडरमा लोकसभा सीट ही एकमात्र ऐसी सीट थी, जहां भाजपा ने चुनाव जीता. दूसरे स्थान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा की चंपा वर्मा रहीं थी.

बाबूलाल ने भाजपा से इस्तीफा दिया, फिर उपचुनाव जीते

2006 में कोडरमा लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ था. बाबूलाल मरांडी ने भाजपा से इस्तीफा देकर बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ा था. वे उपचुनाव में विजयी हुए थे.

2009 में बाबूलाल मरांडी ने जेवीएम से हासिल की जीत

2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले बाबूलाल मरांडी एक बार फिर कोडरमा लोकसभा सीट से विजयी हुए. झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को 25.6 % वोट मिले. दूसरे स्थान पर रही भाकपा-माले को 19.3% वोट मिले, जबकि भाजपा को 14.8 % और राष्ट्रीय जनता दल को 14.2 % वोट मिले.

2014 में मोदी लहर का मिला फायदा

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर थी, जिसका फायदा भाजपा को मिला. भाजपा उम्मीदवार रवींद्र कुमार राय ने कोडरमा लोकसभा सीट से चुनाव जीता. उन्हें कुल 35.7 % वोट मिले, जबकि माले के राजकुमार यादव दूसरे स्थान पर रहे.

2019 में राजद नेता अन्नपूर्णा देवी को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया, जीत गईं

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदल दिया और राष्ट्रीय जनता दल की नेता अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. पार्टी ने अन्नपूर्णा देवी को कोडरमा सीट से प्रत्याशी बनाया. अन्नपूर्णा देवी 62.3 % वोट के साथ विजयी रहीं. दूसरे स्थान पर बाबूलाल मरांडी रहे. बाबूलाल की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा को 24.6 % वोट मिले. इसे भी पढ़ें : लोकसभा">https://lagatar.in/lok-sabha-elections-2024-voting-from-april-19-results-on-june-4-know-how-many-seats-will-be-voted-in-which-phase/">लोकसभा

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