: पुलिस जांच में बिष्टुपुर लूट का मामला निकला फर्जी, पुलिस कार्रवाई में जुटी
कुरीतियों को दूर करने पर जोर
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ अनवर हुसैन ने बताया कि आज भी हम लोग पितृसत्तात्मक समाज में रहते हैं, लेकिन मेघालय के चेरापूंजी में आज भी एक खास जनजातीय है जिसमें महिलाएं ही समाज का प्रधान होती हैं और यह भी विवाहोउपरांत विदाई लड़की की होती है. इस अवसर पर आदित्य कुमार पीयूष ने महिलाओं की भागीदारी के बारे में विस्तृत रूप से व्याख्यान किए उन्होंने कहा कि समाज में अभी भी कुरीतियां हैं जिससे दूर करने की जरूरत है. डॉक्टर विक्रम कुमार ने वैदिक काल में स्त्रियों और पुरुषों में बराबर का दर्जा प्राप्त था. प्रोफेसर योगेश चंद्र दास ने कविवर गोपाल दास की पंक्तियों के माध्यम से महिलाओं को जागृत किया. इस कार्यक्रम के अवसर पर स्वागत गान प्रीति, शीतल, अमीषा एवं रिया के द्वारा प्रस्तुत किया गया. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-police-is-not-able-to-curb-the-game-of-hubba-dabba-running-openly/">किरीबुरू: खुलेआम चल रहे हब्बा-डब्बा के खेल पर पुलिस नहीं लगा पा रही अंकुश [wpse_comments_template]

Leave a Comment