Koderma : दिल्ली में संसद भवन के समक्ष जंतर मंतर पर चार दिवसीय महापड़ाव में कोडरमा सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से सेविका-सहायिका शामिल हुई. ग्रेच्युटी, पेंशन, 26 हज़ार मानदेय व स्थायीकरण की मांग को लेकर जंतर मंतर पहुंचीं थीं सेविका-सहायिका. सीटू से संबद्ध ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्फर्स (आइफा) के आह्वान पर दर्जनों सेविका- सहायिका संसद मार्च में भाग लीं. इसे भी पढ़ें- BREAKING">https://lagatar.in/ed-will-continue-to-interrogate-pankaj-mishra-the-court-has-approved-6-days-remand/">BREAKING
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26 हजार वेतन देने का है प्रस्ताव- सीटू
फेडरेशन की अखिल भारतीय अध्यक्ष उषा रानी की अध्यक्षता में चल रही प्रदर्शन को फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव ए आर सिंधु, सीटू की राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. हेमलता, महासचिव व पूर्व सांसद तपन सेन, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्ला के अलावा झारखण्ड से संजय पासवान, मीरा देवी, सावित्री सोरेन, लखन लाल मंडल ने सम्बोधित किया. झारखण्ड के वक्ताओं ने कहा कि 1975 से सेविका-सहायिका काम कर रहीं हैं. पोलियो मुक्त भारत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका इन्ही का है. बच्चे के आने से लेकर जन्म से 6 वर्षो तक उसका देखभाल करती हैं. देशभर मे लगभग 27 लाख आंगनवाड़ी कर्मी जो देश की दो करोड़ गर्भवती धात्री माताओं समेत आठ करोड़ बच्चों का ख्याल रहती है. प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में 45वें 46वें श्रम सम्मेलन में सभी तरह के कर्मियों को न्यूनतम 26 हजार वेतन देने का प्रस्ताव है, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें- गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-violent-clash-between-two-parties-in-mutual-dispute-6-injured-including-two-women/">गिरिडीह: आपसी विवाद में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प, दो महिलाओं समेत 6 घायल
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