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कोडरमा : दुकानदार शराब की कमी बताकर वसूल रहे ज्यादा कीमत

Koderma : झारखंड का कोडरमा जिले में शराब दुकानदार मनमानी पैसा वसूल रहे है. इसका सबसे बड़ा कारण बिहार से सटा हुआ जिला होना है. बता दें कि  बिहार में संपूर्ण शराबबंदी होने के कारण बिहार के लोग कोडरमा आकर शराब पी रहे हैं. जिसका फायदा यहां के दुकानदार उठा रहे है. कोडरमा के झुमरी तिलैया के दुकानदार ग्राहकों से अधिक कीमत वसूल रहे है. ग्राहकों ने दुकानदार पर आरोप लगाया है कि एमआरपी से अधिक पैसा वसूला जा रहा है. जब इस बारे में लगातार. इन के संवाददाता ने लोगों से बात की तो लोगों ने दुकानदारों के द्वारा अधिक पैसे लेने की बात कही.

बिहार से आने वाले ग्राहकों के कारण लगी रहती है भीड़ 

झुमरी तिलैया के रहने वाले आर्यन श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार से आने वाले ग्राहकों की वजह से यहां काफी भीड़ लगी होती है. जिसका फायदा दुकानदारों को मिलता है. दुकानदार शराब की कमी का बहाना बना कर एमआरपी से ज्यादा पैसा वसूल रहे है. जब लोग इसका विरोध करते है तो दुकानदार ग्राहकों को यह कहकर लौटा देते है कि उनके पास स्टॉक नहीं है. लेकिन अधिक पैसे देने वालों को शराब मिल जाता है.

उत्पाद विभाग की मिली भगत के कारण दुकानदार कर रहे मनमानी 

मनीष कुमार ने बताया  कि दुकानदार और उत्पाद विभाग की मिली भगत से अधिक कीमत पर शराब बेच रहे है. मनीष का कहना है कि उत्पाद विभाग भी इसमें बराबर की हिस्सेदारी निभाती है. बिहार नवादा से आये मनोज कुमार ने बताया कि हम लोग कभी-कभी दोस्तों के साथ पार्टी करने झुमरी तिलैया आते हैं. लेकिन यहां पहुंचने के बाद शराब की कीमत को देखकर कई बार मन मसोसकर वापस चले जाते  है. शराब पर एमआरपी तो लिखी होती है लेकिन कई बार एमआरपी से ₹100 ज्यादा तक चुकाना पड़ता हैं.

प्रति बोतल 200 से 500 रूपये तक अधिक चुकानी पड़ती है

 सुनील यादव ने बताया कि मंहगी शराब खरीदने के लिए और भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है. शराब की प्रति बोतल के लिए 200 से 500 रूपये तक अधिक चुकानी पड़ती है. बिहार के नवादा निवासी रूपेश कुमार ने बताया कि बिहार में शराबबंदी होने की वजह से हम लोग शराब पीने के लिए कोडरमा आते हैं. लेकिन यहां भी शराब के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती है. दुकानदार से मोलभाव करने पर वो सिर्फ 10 से 20 रूपये ही कम करते है. लेकिन एमआरपी से ज्यादा पैसे लेना गैरकानूनी है. ऐसे में उत्पाद विभाग को इस पर निगरानी करनी चाहिए. साथ ही एमआरपी से ज्यादा दाम लेने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए.

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