में मानव बलि : महिलाओं के शवों के छोटे-छोटे टुकड़े किये गये, खून को दीवारों और फर्श पर छिड़का गया
5 सालों से केवल मिल रहा आश्वासन
कोई भी राजनीतिक दल इसके लिए आवाज़ उठाने की जहमत नहीं उठाता. जब चुनाव होते हैं तब सड़क बनवाने का झूठे वादे किए जाते हैं, लेकिन मतदान होने के बाद इसकी सुध कोई नहीं लेता. स्थानीय लोग सालों से आश्वासन के सहारे जी रहे हैं. विधानसभा का चुनाव हो या पंचायत चुनाव, हरेक चुनाव में ये मुद्दा उठता है लेकिन मतदान होते ही ये ठंडे बस्ते में चला जाता है. विधायक फंड या मुखिया फंड से सड़क की मरम्मति नहीं हुई. आए दिन इस सड़क पर दुर्घनाएं होती रहती हैं. इसी सड़क से रेलवे का रैक भी आता जाता है. कई बड़ी गाड़ियां इसी रास्ते से आती जाती है, लेकिन रेलवे अधिकारियों का भी ध्यान इस ओर नही आता जाता है. इसे भी पढ़ें-सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-the-so-called-vips-are-becoming-a-hindrance-in-the-cleanliness-of-the-city-the-sanitation-workers-are-upset/">सरायकेला: शहर की स्वच्छता में बाधक बन रहे तथाकथित वीआईपी, सफाईकर्मी परेशान [wpse_comments_template]

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