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टीएमसी की पूर्व सांसद और बांग्ला अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती को मिली रेप की धमकी, जूनियर डॉक्टरों ने रैली निकाली

Kolkata : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद और बांग्ला अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती को कोलकाता में डॉक्टरों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करने पर ऑनलाइन रेप की धमकियां मिल रही हैं. मिमी चक्रवर्ती ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर यह जानकारी देते हुए मिली धमकियों के स्क्रीनशॉट शेयर किये हैं. उन्होंने कहा कि इसके पीछे की वजह उनका कोलकाता में डॉक्टरों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करना है. उन्होंने अपनी पोस्ट में कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम डिविजन को टैग किया है. मिमी ने लिखा कि हम महिला अधिकारों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं? ये उनमें से कुछ हैं. भीड़ में खड़े नकाबपोश पुरुषों ने बलात्कार की धमकियों को सामान्य बना दिया है. कौन सी परवरिश और शिक्षा ऐसा करने की इजाज़त देती है. बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दिये जाने के विरोध में देश भर के डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं.

रैली  साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन पर समाप्त हुई

आज बुधवार को पश्चिम बंगाल के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों ने एक रैली निकाली तथा पीड़िता के लिए न्याय सुनिश्चित करने एवं अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की. पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से वी वांट जस्टिस के बैनर तले आयोजित रैली में कई वरिष्ठ चिकित्सक भी शामिल हुए. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कार्यालय के समीप सीजीओ कॉम्प्लेक्स से शुरू हुई रैली चार किमी की दूरी तय करते हुए साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन पर समाप्त हुई.

सीबीआई ने  कोलकाता पुलिस से मामला अपने हाथ में ले लिया है

स्वास्थ्य भवन राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग का मुख्यालय है. प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में नवनियुक्त प्राचार्य की उपस्थिति की भी मांग की और आरोप लगाया कि वह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थीं. इसके अलावा चिकित्सकों ने सीबीआई से त्वरित जांच की मांग की. जान लें कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने जांच के लिए कोलकाता पुलिस से मामला अपने हाथ में ले लिया है.

अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

खबर है कि सीबीआई के अधिकारी कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष का पॉलीग्राफ टेस्ट कर सकते हैं. घोष ने नौ अगस्त को अस्पताल के सम्मेलन कक्ष में पीड़िता का शव मिलने के दो दिन बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. वह पूछताछ के लिए कई बार केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं.

हम घोष के जवाबों की और पुष्टि करना चाहते है : सीबीआई 

एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, हम घोष के जवाबों की और पुष्टि करना चाहते हैं, क्योंकि हमारे द्वारा पूछे गये  प्रश्नों के कुछ उत्तरों में झोल है इसलिए हम उनका ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ कराने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं. इससे पहले, सीबीआई ने स्थानीय अदालत से संजय रॉय का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ कराने की अनुमति ली थी. रॉय को इस मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान व्यक्ति द्वारा प्रश्नों के उत्तर दिये जाते समय एक मशीन की मदद से उसकी शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा जाता है और यह पता लगाया जाता है कि वह सच बोल रहा है या झूठ. जांचकर्ताओं ने परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सक के कथित बलात्कार और हत्या के मामले की जांच के तहत घोष से मंगलवार को भी पूछताछ की थी

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