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कोलकाता हत्याकांड : जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन जारी, बंगाल में 10 दिनों से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

Kolkata :    कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में देशभर के जूनियर डॉक्टर 10 दिनों से हड़ताल पर हैं. पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर भी न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं,  जो आज रविवार को भी जारी है. जूनियर डॉक्टर की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाये और पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाये. डॉक्टर्स के कार्यबहिष्कार करने की वजह से  राज्य में लगातार 10वें दिन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं. सरकारी अस्पतालों में आज रविवार को बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) बंद रहने के कारण मरीजों की भीड़ कम देखी जा रही है. हालांकि सीनियर डॉक्टर आपातकालीन विभाग में सेवाएं दे रहे हैं. https://twitter.com/AHindinews/status/1825014614175928688

जब तक न्याय नहीं, तब तक जारी रहेगा विरोध

प्रदर्शनकारी चिकित्सक ने कहा कि हम स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने के पक्ष में नहीं हैं. हम मरीजों की परेशानियों को समझ सकते हैं, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या की घटना के संदर्भ में हमारा विरोध बहुत प्रासंगिक है. कहा कि क्या हम काम पर आते समय यही अपेक्षा करते हैं? जब तक हमारी बहन को न्याय नहीं मिल जाता और सरकार हमारी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं कर देती, हम अपना विरोध जारी रखेंगे.

18 से 24 अगस्त तक आरजी अस्पताल के पास निषेधाज्ञा लागू

कोलकाता पुलिस ने सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पास रविवार 18 अगस्त से 24 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू की है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने और सभा करने पर प्रतिबंध होगा. पुलिस ने अपने आदेश में कहा कि अस्पताल के आसपास के क्षेत्र से लेकर श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163(2) लागू कर दी गयी है. आदेश के मुताबिक, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. बता दें कि प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के कथित बलात्कार और हत्या का मामला सामने आने के बाद आरजी कर अस्पताल विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बन गया है.

सेमिनार हॉल में संदिग्ध अवस्था में मिला था शव

दरअसल, 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव मिला था. जानकारी के अनुसार, अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात 31 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टर के साथ 8 अगस्त की रात कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था. इसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी. वहीं 9 अगस्त को चेस्ट मेडिसिन विभाग के सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था. उसके शरीर पर कई चोट के निशान भी थे. ट्रेनी डॉक्टर का रेप और हत्या के एक दिन बाद पुलिस ने कथित आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया था. बताया जाता है कि संजय रॉय को शराब पीते समय अश्लील फिल्में देखने की आदत थी. फिलहाल यह आरोपी सीबीआई की हिरासत में है. इस केस को सीबीआई ने टेकओवर कर लिया है.

14 अगस्त से सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की

गौरतलब है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को मंगलवार को इस मामले की जांच सीबीआई के हवाले करने का आदेश दिया था. साथ ही अदालत ने कोलकाता पुलिस को निर्देश दिया था कि केस डायरी मंगलवार शाम तक केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपी जाये और अन्य सभी दस्तावेज बुधवार सुबह 10 बजे तक सौंपे जायें. अदालत के आदेश के बाद सीबीआई ने 14 अगस्त से मामले की जांच शुरू की थी.

श्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की

वहीं इधर पश्चिम बंगाल सरकार ने 17 अगस्त शनिवार को कार्यस्थलों, विशेष रूप से सरकारी अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की है, जहां उन्हें रात्रि पाली में भी काम करना पड़ता है. सीएम ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंद्योपाध्याय ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज के अलावा रात्रि पाली में महिलाओं से काम कराने वाले छात्रावास और अन्य स्थान अब एक प्रमुख कार्यक्रम ‘रातिरेर साथी-रात्रि सहायक’ के दायरे में आयेंगे, जिसमें स्वयंसेवक शामिल होंगे. राज्य सरकार ने अलार्म उपकरण के साथ एक मोबाइल ऐप्लीकेशन विकसित करने का भी निर्णय लिया है, जिसे महिलाएं डाउनलोड कर सकेंगी और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित स्थानीय पुलिस थानों के साथ संपर्क करने के लिए इसका उपयोग कर सकेंगी. बंद्योपाध्याय ने कहा कि सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को रात में दो-सदस्यीय महिला टीम बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा, ताकि वे एक-दूसरे को अपनी गतिविधियों के बारे में जानकारी देती रहें. रात्रि पुलिस सभी मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों और महिला छात्रावासों में गश्त करेगी. जहां भी संभव हो, महिलाओं के लिए रात्रि पाली में ड्यूटी टाली जा सकती है. हमें इन कदमों के जल्द से जल्द लागू होने की उम्मीद है. [wpse_comments_template]

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