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कोलकाता पुलिस आयुक्त की सफाई, बलात्कार-हत्या मामले में हम किसी को बचा नहीं रहे...

 Kolkata :  कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस किसी को बचाने की कोशिश नहीं कर रही है और यहां एक सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या की जांच में यथासंभव पारदर्शिता बरतने का प्रयास किया जा रहा है. गोयल ने संवाददाता सम्मेलन में यह भी स्वीकार किया कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद पुलिस को उम्मीद नहीं थी कि 15 अगस्त की तड़के आरजी कर अस्पताल परिसर के बाहर प्रदर्शनकारी हिंसक हो जायेंगे.

पुलिस  ने सभी सबूत सीबीआई को सौंप दिये हैं

पुलिस आयुक्त ने कहा कि कोलकाता पुलिस ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी समेत सभी साक्ष्य केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिए हैं. सीबीआई कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा, हम किसी को नहीं बचा रहे हैं और पुलिस ने अपनी जांच में यथासंभव पारदर्शिता बरतने की कोशिश की है. हमने मामले से जुड़े सभी सबूत सीबीआई को सौंप दिये हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी पर भरोसा रखें.

पुलिस अपराध को आत्महत्या बताना नहीं चाह रही  

गोयल ने कहा कि अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि पुलिस अपराध को आत्महत्या बताना चाह रही है. उन्होंने कहा, देश में सभी जांच एजेंसियों द्वारा यही मानक प्रक्रिया अपनाई जाती है. हमने नियमानुसार काम किया. इस अपराध को आत्महत्या’ बताने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जैसा कि कुछ हलकों से गलत तरीके से कहा जा रहा है. पुलिस ने इसे कभी आत्महत्या’ नहीं कहा. आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को हुई तोड़फोड़ के संबंध में गोयल ने कहा कि नेतृत्वहीन और स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करना मुश्किल है.

उम्मीद नहीं थी कि भीड़ हिंसक हो जायेगी

उन्होंने कहा, हमें उम्मीद नहीं थी कि आरजी कर अस्पताल के सामने भीड़ हिंसक हो जायेगी. गोयल ने बताया कि अस्पताल में तोड़फोड़ के सिलसिले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने दावा किया कि उपद्रवी अपराध स्थल तक नहीं पहुंच सके. अपराध स्थल अस्पताल इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित सेमिनार हॉल है, जहां महिला चिकित्सक का शव मिला था.

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