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Kolkata : SIR अमानवीय बोझ,   BLO ने कॉलेज स्क्वायर से चीफ इलेक्टोरल ऑफिस तक रैली निकाली

अधिकार रक्षा मंच के कहा कि बार-बार अनुरोध किये जाने के बावजूद चुनाव आयोग ने उनका कार्यभार कम करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है. मंच में स्कूल शिक्षक, कॉलेज शिक्षक और राज्य सरकार के कर्मचारी शामिल हैं . प्रदर्शनकारियो ने आयोग के कार्यालय के समक्ष धरना देने की बात कही.
 

Kolkata : पश्चिम बंगाल के BLOs (बूथ स्तर अधिकारियों) ने आज  बीएलओ अधिकार रक्षा मंच के बैनर तले कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से चीफ इलेक्टोरल ऑफिस तक रैली निकाली.  उन्होंने आरोप लगाया है कि उनसे बहुत ज्यादा काम कराया जा रहा है अमानवीय काम का बोझ डाला जा रहा है.

 

 

अधिकार रक्षा मंच के कहा कि बार-बार अनुरोध किये जाने के बावजूद चुनाव आयोग ने उनका कार्यभार कम करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है. मंच में स्कूल शिक्षक, कॉलेज शिक्षक और राज्य सरकार के कर्मचारी शामिल हैं 

 

 

प्रदर्शनकारियो ने आयोग के कार्यालय के समक्ष धरना देने की बात कही. टीएमसी ने भी चुनाव आयोग पर बीएलओ पर अत्यधिक बोझ डालने का आरोप लगाया है. दावा किया कि दक्षिण 24 परगना जिले में एक बीएलओ को SIR के दौरान अत्यधिक काम के तनाव के बीच रविवार को अस्पताल में एडमिट किया गया. 

 

 

 
बीएलओ कमल नस्कर के परिजनों ने बताया कि SIR को लेकर वह  मानसिक और शारीरिक तनाव में थे. कमल नस्कर के प्रधानाध्यापक भाई और जयनगर के बीएलओ ने कहा कि कमल ने 13 नवंबर को फॉर्म वितरित किये.दोपहर से देर शाम तक फॉर्म जमा करते रहे और सुबह 3 बजे तक अपलोड करते रहे.

 

 

 


कहा कि उन्हें 26 नवंबर तक यह काम पूरा करने को कहा गया था. वो मानसिक तनाव झेल रहे हैं.    टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बीएलओ पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि  SIR  मौतें हो रही हैं. 5-6 अधिकारी-कर्मचारी गंभीर रूप से बीमार पड़ गये हैं. कहा कि ड्यूटी के दौरान 14 मौतें हुईं हैं.  3 BLO  ने आत्महत्या के प्रयास किया है. 

 

 

 

टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता पर चुनाव आयोग पर दबाव डाल रहे हैं. कल्याण बनर्जी ने भाजपा  नेता शुभेंदु अधिकारी को इन मौतों के लिए ज़िम्मेदार करार दिया. जान लें कि इसी शनिवार को नदिया जिले में एक बीएलओ रिंकू तरफदार की लाश फंदे से लटकी मिली.

 

 

 

शव के पास कथित सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है. रिंकू ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसने 95 प्रतिशत ऑफ़लाइन काम पूरा कर लिया था. लेकिन उससे डेटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा था. 

 

 

 
रिंकू की मौत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,  और कितनी जानें जाएंगी? कितने लोगों को मरना होगा? हमें और कितनी लाशें देखनी पड़ेंगी?  

 

 

 
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने ममता बनर्जी के दावों को खारिज कर दिया. रिंकू तरफदार की मौत पर कहा, अगर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं में इतनी हिम्मत है तो उन्हें बीएलओ की मौत की सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए. आरोप लगाया कि सुसाइड नोट फर्जी है.

 

 

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