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बिहार में कोशी और गंडक का कहर, दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुसा, अलर्ट

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Patna : बिहार में कोशी और गंडक नदी उफान पर है. दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. कई गांवों के संपर्क भंग हो चुके हैं. लोग अब पलायन करने को मजबूर हैं. कोसी बराज से पिछले दिनों अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से सहरसा-मानसी रेलखंड के बीच कोसी और बागमती नदी तेज उफान पर है. वहीं रेलवे ट्रैक के पास नदी में तेज उफान से कटाव भी हो रहा है. अगर यही स्थिति रही तो ट्रेन परिचालन पर भी असर पड़ सकता है. इन नदियों के रौद्र रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.

गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

गंगा, कोसी व बरंडी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर हो चुकी है. गंगा, कोसी व बरंडी नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी रही है. अमदाबाद प्रखंड के जिलेबी टोला गांव में बाढ़ का पानी फैल गया है. कोसी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सहरसा जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए हाइ अलर्ट जारी कर दिया है. नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण कोसी नदी का भारी डिस्चार्ज होने के कारण सुपौल में पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घर- आंगन में एक से दो फीट फैल गया है. जिसके कारण लोगों में त्राहिमाम की स्थिति बन गई है. कटिहार जिले के सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. महानंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि पिछले दिनों से जारी है. इस नदी का जलस्तर झौआ, बहरखाल, आजमनगर, कुर्सेल, धबोल, दुर्गापुर व गोविंदपुर में जलस्तर बढ़ रहा है. इस नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर से कई क्षेत्रों में कटाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

रेलवे ट्रैक के इर्द-गिर्द कटाव शुरू

फनगो हाॅल्ट के पास कोसी नदी के रेलवे ट्रैक के इर्द-गिर्द कटाव भी शुरू होने लगा है. कटाव रोकने के लिए इंजीनियरों द्वारा लेयर भी तैयार किया गया है. लेकिन कोसी बराज से पिछले 2 दिनों में 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रेल प्रशासन एक बार फिर अलर्ट हो गया है. कटाव रोकने के लिए रेलवे द्वारा इंजीनियरिंग विभाग की टीम 24 घंटे निगरानी के लिए लगायी गयी है. वहीं बोल्डर भी गिराये जा रहे हैं. कंट्रीले तारों से कटाव वाले चिन्हित बिंदुओं को बांधा गया है. रेल अधिकारियों की मानें तो कोसी बराज से पानी छोड़े जाने से पानी का दबाव बढ़ेगा. इसके लिए बोल्डर और लोहे की पाइप लाइन सहित अन्य मेटेरियल को पहले से ही रेल विभाग ने स्टोर कर लिया है.

निचले इलाके के 43 गांव बाढ़ से घिरे

नेपाल में भारी बारिश से गंडक उफनायी हुई है. गोपालगंज के निचले इलाके के 43 गांव बाढ़ से घिर चुके हैं. नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जल स्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ चुका है. पानी अब सड़कों पर बहने लगा है. स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र डूब चुके हैं. कई गांव एक सप्ताह से पानी से घिरे हुए हैं. गांव तक जाने वाली सड़क पर पानी बह रहा है. गांवों का संपर्क शहर से कट गया है. वाल्मीकिनगर बराज से 1.45 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है. इससे आने-जाने के सभी मार्ग ध्वस्त हो चुके हैं. स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र भी डूब गये हैं. अब नाव ही एकमात्र सहारा बची है.
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