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कोटशिला : मुख्य सचिव के साथ वार्ता में शामिल नहीं होगा आदिवासी कुड़मी समाज : अजीत महतो

Kotshila से Dilip Kumar : कुड़मी जनजाति को एसटी में सूचीबद्ध करने व अन्य मांगों को लेकर कुड़मी समाज द्वारा पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर रेल व सड़क मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध कर आंदोलन किया जा रहा है. जगह-जगह किए जा रहे आंदोलन के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए कोलकाता बुलाया है. उन्होंने वार्ता के लिए सोमवार 10 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है. वहीं आदिवासी कुड़मी समाज के मूल मानता अजीत महतो ने कहा कि हुए मुख्य सचिव के साथ होने वाली वार्ता में वे शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार समाज को आश्वासन दे रही है, लेकिन कुड़मी जाति को आदिवासी की सूची में सूचीबद्ध करने के लिए प्रयास नहीं कर रही है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-in-view-of-the-shortage-of-drinking-water-in-summer-the-jalads-demanded-the-municipal-corporation-to/">आदित्यपुर

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राज्य सरकार ने अब तक रिपोर्ट केंद्र सरकार को नहीं भेजी है

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने मंतव्य के साथ सीआरआई की रिपोर्ट अब तक केंद्र सरकार को नहीं भेजी है. पश्चिम बंगाल सरकार की तरह ही झारखंड और ओडिशा की सरकार भी इस दिशा में काम नहीं कर रही है. उन्होंने कहा सितंबर महीने में झारखंड, ओडिशा के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल में भी बृहद रूप से आंदोलन किया जाएगा. वे रविवार को कोटशिला रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बात कर रहे थे. अजीत अजीत महतो ने कहा कि कुड़मी जनजाति को एचसी में सूचीबद्ध करने के साथ कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना और सरना धर्म कोड लागू करना उनकी प्रमुख मांगों में है. सरकार वोट बैंक बिगड़ने की आशंका से इस दिशा में काम नहीं कर रही है. उन्होंने कहा की कौस्तूर स्टेशन में पिछले पांच दिनों से किया जा रहा आंदोलन वापस ले लिया गया है. इसके अलावा कोटशिला में आंदोलन जारी है. [wpse_comments_template]

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