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कृष्णायण ग्रंथ वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड में हुआ शामिल

 
Ranchi : राधा और कृष्ण के संपूर्ण जीवन पर आधारित साझा महाकाव्य ग्रंथ कृष्णायण को वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकार्ड में शामिल किया गया है. राधाकृष्ण के अवतार को देश-विदेश के करीब 200 रचनाकारों से प्रसंग आधारित शोधपरक काव्य सृजन और संपादन के लिए यह सम्मान कृष्णायण के मुख्य संपादक और साहित्योदय के संस्थापक अध्यक्ष पंकज प्रियम को दिया गया है. प्रियम ने इस सम्मान को अपने माता-पिता, परिजन सहित पूरे साहित्योदय परिवार को समर्पित किया है. उन्होंने बताया कि राधा और कृष्ण की कहानी को काव्यरूप में एक जगह संकलित करना बहुत कठिन कार्य था. अलग-अलग ग्रंथ और पुराणों में चीजें बिखरी हुई सी लगती है. कहीं कुछ तो कहीं कुछ छूटा हुआ सा प्रतीत होता है. ऐसे में देश विदेश के रचनाकारों को प्रसंग आवंटित कर लिखवाना, संकलन और संपादन आसान नहीं था. लेकिन पिछले वर्षों की कठिन तपस्या और सभी के सहयोग से यह सम्भव हो पाया है. उम्मीद है कि जन रामायण की भांति कृष्णायण भी घर-घर में लोकप्रिय होगा. राधाकृष्ण की पावन प्रेमकथा को 18 भाग में बांटकर 178 प्रसंगों में करीब एक हजार पृष्ठों के कृष्णायण को दो खंडों में प्रकाशित किया जा रहा है. कृष्णायण में दुनियाभर के लब्धप्रतिष्ठ कवियों ने अपनी शैली में काव्य सृजन किया है. जिसका विमोचन आगामी 1 दिसंबर 2023 को वृंदावन में आहूत बांकेबिहारी अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में किया जाएगा. जिसमें हेमा मालिनी, साध्वी ऋतंभरा, आरके सिन्हा, डॉ बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ विष्णु सक्सेना, अजय अंजाम, बेबाक जौनपुरी जैसे दिग्गज लोगों के साथ विश्वभर के 300 से अधिक साहित्यकार और कलाकार शामिल होंगे.

इससे पूर्व 3 और वर्ल्ड रिकॉर्ड मिल चुके हैं

गौरतलब है कि पंकज प्रियम पिछले 2 दशक से लेखन कार्य में सक्रिय हैं और अबतक उनकी दो दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. साहित्योदय के जरिये पूरे विश्व के नवोदित रचनाकारों को वैश्विक मंच प्रदान कर रहे हैं. पिछले 5 वर्षों में 2 हजार से अधिक नवोदित लोगों को मंच दे चुके हैं. साहित्योदय ऑनलाइन और मंचीय कार्यक्रमों के साथ साथ पुस्तक प्रकाशन और ऑडियो-वीडियो फ़िल्म निर्माण में भी नई प्रतिभा को अवसर देने का काम कर रहा है. साहित्योदय को इससे पूर्व 3 और वर्ल्ड रिकॉर्ड मिल चुके हैं. इसे भी पढ़ें – हाईकोर्ट">https://lagatar.in/high-court-asked-when-will-the-iron-ore-mined-in-saranda-forest-be-removed/">हाईकोर्ट

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