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केयू दे घंटी आधारित शिक्षकों को मौका, नहीं तो आंदोलन करेगा छात्र आजसू

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alt="" width="300" height="200" /> Jamshedpur:  कोल्‍हान विश्‍वविद्यालय के कॉलेज स्‍नातकोत्तर(पीजी) में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं. इस वजह से कई कॉलेजोंं को अपनी सीटें घटानी भी पड़ीं हैं. छात्र आजसू ने इन सीटों के घटाने पर कड़ा एतराज जताते हुए आंदोलन व भूख हड़ताल की चेतावनी दी है. छात्र आजसू का कहना है कि स्‍नातकोत्तर(पीजी) में घंटी आधारित शिक्षकों को मौका देकर इस कमी का हल निकाला जा सकता है. इस संबंध में छात्र आजसू ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्‍त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा.

र्कर्स कॉलेज ने भूगोल में सीटें 161 से घटाकर 120 कर दीं

ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्वी सिंहभूम जिले के छह विधानसभा क्षेत्र में वर्कर्स कॉलेज ही एक मात्र कॉलेज है जहां भूगोल में स्‍नातकोत्तर(पीजी) की पढ़ाई होती है. पिछले सत्र की 161 सीट को  वर्ष 2021-23 के सत्र में 120 सीट पर सीमित कर दिया गया है. कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि शिक्षक की कमी के कारण सीटों की संख्या कम की गई है. वर्कर्स कॉलेज में पटमदा, बोड़ाम, जगन्‍नाथपुर,चांडिल, सरायकेला, घाटशिला, डुमरिया, मुसाबनी से छात्र आवेदन देते हैं, लेकिन सीट कम होने के कारण उनका भविष्य बर्बाद होने के कगार पर आ गया है. इसे भी पढ़ें: स्पिनर">https://lagatar.in/spinner-harbhajan-singh-said-goodbye-to-the-world-of-cricket-announced-his-retirement-by-tweeting/">स्पिनर

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छात्र आजसू के कोल्हान अध्यक्ष हेमंत पाठक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए सरकारी कॉलेज ही पढ़ाई का एकमात्र विकल्प है. झारखंड के राज्यपाल ने कहा था कि कोई भी छात्र शिक्षा और नामांकन से वंचित नही रहेगा परंतु सरकार की विफलता के कारण छात्रों से उनका पढ़ने का अधिकार भी छीना जा रहा है. ऐसे में कोल्हान विश्वविद्यालय को सरकार से पत्राचार कर घंटी आधारित शिक्षकों को स्‍नातकोत्तर(पीजी)  के छात्रों को पढ़ाने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि शिक्षक के अभाव में सीटों की संख्या कम न हो सके. हेमंत ने कहा कि कि यदि इसपर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में छात्र आजसू आंदोलन व भूख हड़ताल पर बाध्य होगा. ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश महतो व साहेब बागति भी शामिल थे. [wpse_comments_template]

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