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केयू : सीबीसीएस पाठ्यक्रम शुरू होने से को-ऑपरेटिव कॉलेज लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी, अर्थशास्त्र, ओड़िया व बंगला किताबों की मांग

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Chaibasa : को-ऑपरेटिव कॉलेज जमशेदपुर की लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी है. च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) पाठ्यक्रम आरंभ होने से पुस्तकों की मांग बढ़ गई है. वर्तमान में 61 हजार पुस्तक कॉलेज की लाइब्रेरी में है, जबकि इससे अधिक होनी चाहिए. वहीं अर्थशास्त्र, ओड़िया, बंगला, ज्योग्रफी विषय की पुस्तक नहीं के बराबर है. को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ अमर सिंह ने विवि डीएसडब्ल्यू कार्यालय में पत्र लिखकर पुस्तक उपलब्ध कराने की मांग की है. इसमें कहा गया है कि नए पाठ्यक्रम आरंभ होने से पुस्तकों की मांग बढ़ गई है. विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है. प्रिंसिपल ने संबंधित विषय की पुस्तकों की खरीदारी के लिए अनुमति देने की मांग की है.

अन्य पुस्तकों की सूची जल्द भेजेगा विवि

को-ऑपरेटिव कॉलेज प्रशासन ने अन्य पुस्तकों की भी सूची जल्द उपलब्ध कराने का जिक्र किया है. कुछ विषय के शिक्षक अनुपस्थित होने के वजह से विषयवार सूची नहीं मिली है. विद्यार्थियों की जरूरत के आधार पर पुस्तकें उपलब्ध होनी चाहिए. डीएसडब्ल्यू डॉ एससी दास ने कहा कि को-ऑपरेटिव कॉलेज की ओर से प्रस्ताव दिया गया है. पुस्तक की संख्या में बढ़ोतरी करने की मांग की गई है. विवि में आयोजित होने वाली बैठक में कॉलेज से मिले प्रस्ताव को रखा जाएगा. इसके बाद आगे की प्रकिया की जाएगी.

पॉलिटिकल साइंस, इतिहास व हिंदी में अतिरिक्त पुस्तक की मांग, विद्यार्थियों के अनुपात में पुस्तकें काफी कम

कॉलेज प्रशासन ने पॉलिटिकल साइंस, इतिहास, हिंदी, अंग्रेजी समेत अन्य विषयों में अतिरिक्त पुस्तकों की भी मांग की है. कॉलेज ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि पुस्तकों की संख्या विद्यार्थियों के हिसाब से नहीं है. नए सीबीसीएस पाठ्यक्रम के लिए अधिक पुस्तकों की जरूरत है. लेकिन उतनी संख्या में पुस्तक नहीं हैं. पुराने एडिशन की सबसे अधिक पुस्तकें कॉलेज लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं. जिस कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है. [wpse_comments_template]

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