- गृह मंत्री के मणिपुर दौरे से लौटने के बाद 845 कुकी गांव फूंक दिए गए
- मणिपुर में सीएम को बर्खास्त करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाया जाए
- -आदिवासी को राष्ट्रपति बना देने से आदिवासी प्रेम और आदिवासी हितैशी नहीं बन सकती है भाजपा
- बहुसंख्यक मैती के सीएम के इशारे पर हो रहा है आदिवासियों पर अत्याचार
हृदय विदारक घटना के लिए जिम्मेवार कौन
उन्होंंने कहा कि गत दिवस मणिपुर में एसपी के नेतृत्व में एक घायल को लेकर एंबुलेंस जा रही थी. जहां पर भीड़ ने एंबुलेंस को घेरा लिया और आग के हवाले कर दिया. जिसमें घायल की मां जिंदा जल गयी. यह घटना यह दर्शाता है कि वहां पर गुस्सा किस कदर बढ़ चुका है. तनाव किस कदर बढ़ चुका है. यह हृदय विदारक घटना के लिए जिम्मेवार कौन है. यह वहां के सीएम और गृह मंत्रालय को बताना चाहिए.भाजपा शासित राज्यों में सरेआम हत्या हो रही है
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में हत्या एक बड़ा काम बन चुका है. यूपी एवं प्रयाग राज में पुलिस संरक्षण में जा रहे एक कैदी की सरेआम हत्या कर दी गयी. हमारे पूर्ववर्ती सरकार में भी हजारीबाग और जमशेदपुर में ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं. मध्य प्रदेश एवं दिल्ली में हत्या जैसी घटनाओं में काफी वृद्धि हुृई है. अब मणिपुर में इस तरह की हिंसा हो रही है. ये लोग कैसे कह सकते हैं कि भाजपा शासित राज्यों में राम राज आ गया है.देश में हो रही घटनाओं पर भी कुछ बोलें मोदी
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि विदेश में भारत और हमारे पीएम की साख और लोकप्रियता बढ़ रही है. कोई उनका पैर छूता है, तो कोई ऑटोग्राफ लेता है. मगर देश में क्या हो रहा है. इस पर पीएम को बोलना चाहिए. मुंह खोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि मणिपुर छठी अनुसूची वाला आदिवासी राज्य है. वहां पर कई संवैधानिक बाध्यता है और अधिकार है. इसके बावजूद वहां कुकी आदिवासियों को निशाना बनाया जाना, किस बात का संकेत है. यह मोदी जी और भाजपा को बताना चाहिए. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/ranchi-only-349-people-got-registered-for-the-housing-scheme-of-ani-bhusur/">रांची: आनी-भुसूर की हाउसिंग स्कीम के लिए सिर्फ 349 लोगों ने करवाया रजिस्ट्रेशन [wpse_comments_template]
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