- 29 अक्टूबर को मोरहाबादी मैदान में कुरमी आक्रोश महारैली, 29 नवंबर से 72 घंटे का आर्थिक नाकेबंदी
2004 में अर्जुन मुंडा सरकार अनुशंसा कर चुकी है- शीतर ओहदार
बैठक में समाज के अगुवा शीतल ओहदार ने कहा कि हम कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में शामिल होने का एक ही उपयुक्त आधार है- 1931और 1938 का सेंसस. 2004 में अर्जुन मुंडा सरकार इसी आधार पर केंद्र सरकार को कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा कर चुकी है. कुड़मी जनजाति का सबसे सशक्त आधार है, 1950 से पहले आदिम जनजाति का होना. इसीलिए हमें टीआरआई की आवश्यकता नहीं है. बैठक में हरमोहन महतो, सपन कुमार महतो, देवकी महतो, विनय महतो, रामपोदो महतो, सखीचंद महतो, थानेश्वर महतो सहित कई उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – फिर">https://lagatar.in/two-elephants-reached-near-the-city-again-panic-in-residential-areas/">फिरशहर के नजदीक पहुंचे दो हाथी, रिहायशी इलाकों में दहशत [wpse_comments_template]

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