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कुरुख हमारी मातृभाषा, हमें बचाना होगा : गीतांश्री उरांव

गुमला में मनाया गया तेलोंग सिकी( लिपि) हपता उल्ला 2023 Ranchi : गुमला जिले के सिसई स्थित अद्दी अखड़ा की ओर से बुधवार को तेलोंग सिकी ( लिपि) हपता उल्ला मनाया गया. शहीद लोहरा उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कुडुख टाइम्स की 5 पत्रिका का विमोचन किया गया. अयडं कोंयछा और चिंचो डण्डी अरा खी:री नाम की पुस्तक जिले के 10 लूरकुड़िया ( विद्यालय) को सौंपे गये. मौके पर आदिवासी छात्र संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवशंकर उरांव ने कहा कि आदिवासियों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो हमारी संस्कृति नष्ट हो जाएगी. इसे बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा. तभी हमारी भाषा- संस्कृति बचेगी. पूर्व मंत्री गीतांश्री उरांव ने कहा कि कुरुख भाषा हमारी मातृभाषा है. इसे हमें सीखना होगा. इसे संविधान की 8वी अनूसूची में शामिल कराना होगा, तभी हमारी सभ्यता और भाषा बचेगी. इसे संवैधानिक मान्यता दिलानी है. मौके पर डॉ. एतवा उरांव, डॉ नारायण उरांव, भुनेश्वर उरांव, जोगेश्वर उरांव समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – सैमफोर्ड">https://lagatar.in/soldiers-father-got-free-treatment-in-samford-hospital-the-management-said-respect-given-to-the-one-who-is-serving-the-country/">सैमफोर्ड

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