परिवार को सपोर्ट करना है : प्रिया कुमारी
इंटर पास छात्रा प्रिया कुमारी रांची के लालपुर की रहनी वाली है, उन्होंने बताया कि जब उन्होंने दसवीं पास की थी तब से परिवार को सपोर्ट करना चाहती थी. पर कोरोना के कारण जॉब वेकेंसी मिलना मुश्किल हो रहा था. रांची से बाहर भी अगर कोई काम मिलेगा तो वो करेंगी. बताया कि घर में छोटा भाई है, मां -पापा हैं. उन सब को सहयोग देना है. पिता मजदूर हैं, घर खर्च के लिए खुद कमाना चाहती हूं.शिक्षा के केंद्र में सरकार का सपोर्ट: सूरज बिनाह
ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर के छात्र सूरज बिनाह ने बताया कि वो दसवीं के बाद से ही ट्राई कर रहे हैं जॉब के लिए. पहले सेलेक्शन होने में दिक्कत होती थी. फिर कोविड ने दो साल खराब कर दिया है. बताया कि बोलने में दिक्कत होती है. इसलिए सेलेक्शन में मार खा जाता हूं. घर में माता पिता और चार बहनें हैं. कोशिश यही है कि इस बार सेलेक्शन हो जाए. पूरे तीन राउंड के बाद सेलेक्शन कंप्लीट होता है. सरकार की पहल अच्छी है. बेरोजगार के प्रति बस शिक्षा के केंद्र में थोड़ा और सपोर्ट चाहिए.अपने राज्य में अच्छा जॉब मिले : महेंद्र
रामगढ़ से आए महेंद्र कुमार नायक ने बताया कि उनका ग्रेजुएशन हो चुका है. अब वो जॉब की तैयारी कर रहे हैं. प्रशासन या सरकार जॉब मेला लगा रही है. थोड़ा शिक्षा के क्षेत्र पर भी ध्यान दे . अब अपने राज्य में सरकार को अच्छी पहल के साथ युवाओं को नौकरी देना चाहिए.श्रम नियोजन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने कहा
श्रम नियोजन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि हमारी कोशिश होती है कि हर बेरोजगार को नौकरी दे सकें. कोरोना में जॉब मेला बंद रहा. पर अब हर महीने में करीब दो बार जॉब मेला जरूर लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि यहां के बच्चों में काम करने की लालसा है, लेकिन वो शहर से बाहर नहीं जाना चाहते. उनका कहना है कि रांची में ही जॉब मिल जाए, पर रांची के अलावा भी अच्छे अच्छे शहर हैं, जहा जॉब की अच्छी वेकेंसी होती है, पर बच्चे वहां जाना नही चाहते. इसे भी पढ़ें- प्रतिभा">https://lagatar.in/dav-hehls-student-parents-honored-in-pratibha-samman-ceremony/">प्रतिभासम्मान समारोह में डीएवी हेहल के विद्यार्थी-अभिभावक हुए सम्मानित [wpse_comments_template]

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