पांच घायलों को निकाला गया बाहर, तीन रेफर
कूप धंसने के दौरान पांच लोग घायल हो गए. इनमें तालो महतो (60) पिता : स्व. महावीर महतो, दिलीप कुमार मेहता (35) और शंभू कुमार मेहता (30) दोनों के पिता : तालो महतो भूसाई टोला पारटांड़, राजेश कुमार मेहता (25) पिता : फग्गू महतो ग्राम बरियठ और एक अन्य बाहर का मजदूर शामिल है. गंभीर रूप से घायल तीन मजदूरों को इलाज के सदर अस्पताल हजारीबाग ले जाया गया, जबकि दो घायलों का इलाज इचाक सीएचसी में किया जा रहा है. वहीं मिट्टी में दबने से चंदन कुमार (30) पिता स्व. सोमर महतो ग्राम भुसाई पारटांड़ की मौत हो गई. मनरेगा योजना से आवंटित यह कुआं भुसाई गांव के पारटांड़ टोला निवासी सारो देवी, पति : तालेश्वर मेहता उर्फ तालो महतो के नाम से आवंटित है.शव को नहीं उठाने दे रहे थे परिजन
शव को परिजन उठाने नहीं दे रहे थे. वे लोग मनरेगा से जुड़े पदाधिकारी, बीडीओ और बीपीओ को बुलाने और मुआवजे की मांग पर अड़े थे. इससे पहले घटना की सूचना पाकर इचाक पुलिस सदल बल मौके पर पहुंची और जेसीबी के सहारे मृतक चंदन के शव को बाहर निकाला. इधर सूचना पाकर प्रशिक्षु आईएएस शताब्दी मजूमदार, सीओ मनोज कुमार महथा, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, मुखिया निशु कुमारी, कांग्रेस नेता दिंगबर मेहता, 20 सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम, पूर्व मुखिया संतोष कुमार मेहता, सांसद प्रतिनिधि भागवत मेहता, अध्यक्ष प्रतिनिधि अशोक मेहता, दिंगबर कुमार मेहता, प्रमुख प्रतिनिधि सिकंदर दास, बसंत नारायण मेहता, जिला अध्यक्ष प्रतिनिधि जय नारायण मेहता, अनिल मेहता आदि घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. इसे भी पढ़ें : कोडरमा">https://lagatar.in/koderma-violent-collision-in-police-van-container-one-jawan-killed-6-in-critical-condition/">कोडरमा: पुलिस वैन-कंटेनर में जोरदार टक्कर, एक जवान की मौत, 6 की हालत गंभीर
4.62 लाख की थी योजना, कुएं को बांध रहे थे मजदूर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह कूप पाराटांड़ चंदवारा निवासी तालेश्वर मेहता का था. वही लाभुक था और जेसीबी से कुएं की खुदाई कराई थी. यह कूप मनरेगा योजना की 4.62 लाख की बताई जाती है. कुएं की खुदाई के बाद उसे बांधने के लिए मजदूर लगाए गए थे. इसी दौरान मिट्टी धंसी और एक मजदूर की मौत हो गई. ग्रामीणों का कहना था कि जेसीबी से कूप की खुदाई करने से आसपास की मिट्टी ढीली हो जाती है और जरूरत से अधिक खुदाई हो जाती है. इस वजह से यह घटना हुई.‘शुभम संदेश’ ने मनरेगा कूप निर्माण की खबर में बताया था कमीशनखोरी का खेल
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alt="" width="715" height="718" /> ‘शुभम संदेश’ ने इचाक में मनरेगा कूप की कहानी लगातार प्रकाशित की है. तीन दिन पहले खबर में यह प्रकाशित हुआ था कि कूप निर्माण में कैसे ठेकेदार अनियमितता बरत रहे हैं. वहीं लाभुक की जगह वेंडर ठेकेदार बनकर मनरेगा कूप का निर्माण करा रहे हैं. ऐसे में यह घटना संभावित थी. न सही मेटेरियल और न उचित देखरेख में कूप निर्माण कराया जाता है. मजदूरों को सेफ्टी किट भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है. कमीशनखोरी के फेर में लाभुक और ठेकेदार दोनों पैसे बचाने की फिराक में रहते हैं. ऐसे में मजदूरों की जान पर बन आती है. इसे भी पढ़ें : अफसरशाही">https://lagatar.in/bureaucracy-people-keep-visiting-government-offices-officials-absent/">अफसरशाही
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