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विश्वविद्यालयों में सहायक अध्यापकों की कमी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में पिछड़ रहा झारखंड

Ranchi  : झारखंड हायर एजुकेशन स्टूडेंट एसोसिएशन के बैनर तले झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालय में कार्यरत अतिथि शिक्षक, अनुबंध सहायक प्राध्यापक, पीएचडी उपाधि धारक, नेट उतीर्ण, उच्च शिक्षा से संबंधित अनेक अभ्यर्थी ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग में उपस्थित रहें. जिसमें झारखंड की उच्च शिक्षा की स्थिति एवं नियुक्ति प्रणाली से संबंधित अनेक समस्याओं पर चर्चाएं हुई. संघ के सदस्यों ने कहा कि झारखंड निर्माण के पश्चात उच्च शिक्षा में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति एक बार वर्ष 2008 में होने के पश्चात लगभग 14 वर्ष बीत जाने पर भी रेगुलर नियुक्ति नहीं हो पायी.जिसके कारण राज्य के सभी विश्वविद्यालय सहायक अध्यापकों की अत्यधिक कमी से गुजर रहे हैं. इसे भी पढ़ें-ग्रेजुएट">https://lagatar.in/webinar-organized-on-poet-jaishankar-prasad-and-makhanlal-chaturvedi-in-graduate-college/">ग्रेजुएट

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शिक्षक एवं विद्यार्थी का अनुपात भी निम्न स्तर पर

जिसके कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में राज्य पिछड़ता जा रहा है. वही शिक्षक एवं विद्यार्थी का अनुपात भी निम्न स्तर पर है. साथ ही वर्तमान समय में झारखंड लोक सेवा आयोग के द्वारा बैकलॉग नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. उसके नियमावली में भी अनेक त्रुटियां है. वर्तमान नियमावली के पॉइंट सिस्टम के कारण पुराने अभ्यर्थियों एवं जैक बोर्ड आदि से उत्तीर्ण अभ्यर्थी नेट पीएचडी उपाधि होने के बावजूद भी वर्तमान के सीबीएसई, आईसीएसई तथा सेमेस्टर सिस्टम से उत्तीर्ण विद्यार्थियों की तुलना में पिछड़ जा रहे हैं और उनका चयन सभी योग्यताओं के होने के बावजूद भी असंभव हो गया है. डॉ. दीपक भगत ने कहा झारखंड में कोई भी नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने में कई वर्षो लग जाते हैं। अतः सरकार को 1 से 2 साल नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने का समय निर्धारित करना होगा. इसे भी पढ़ें-बिरसा">https://lagatar.in/dc-ssp-raids-birsa-munda-central-jail/">बिरसा

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नियमावली ऐसी बने जिससे सभी को अवसर मिल सके : डॉ अरविंद

अरविंद प्रसाद ने कहा कि नियमावली इस प्रकार से बनाई जाए जिसमें पुराने एवं नए अभ्यर्थी सभी को समान रूप से अवसर मिल सके. डॉ. अवध ने कहा कि अनेक अभ्यर्थी विभिन्न विश्वविद्यालयों में अस्थाई रूप से कई वर्षों से कार्यरत हैं उन्हें अलग से प्राथमिकता दी जाए. डॉ. अशोक राम ने कहा कि सरकार को रोस्टर क्लियर करके राज्य के सभी पुराने एवं नए विश्वविद्यालयों के रिक्त पदों को सम्मिलित रूप से एक साथ भरना चाहिए. डॉक्टर हलधर महतो का कहना है कि 4/2018 के नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करके नए सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जाए एवं सारी समस्याओं को महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री तथा राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के समक्ष रखने की आवश्यकता है, ताकि वह हमारी समस्याओं से अवगत होकर, इसके समाधान के लिए उनके द्वारा उचित कार्रवाई की जाए. इसे भी पढ़ें-कुचाई">https://lagatar.in/mmc-matkobeda-became-the-winner-after-defeating-007-club-in-poradih-of-kuchai/">कुचाई

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ये थे उपस्थित

ऑनलाइन मीटिंग में डॉक्टर दीपक भगत,अरविंद प्रसाद, डॉ. अजय, डॉ. हलधर महतो, इला सरदार ,लक्ष्मी उराव, लीलाम , मंगलेश्वरी, डॉ निशा, डॉ. पूनम, प्रभात सिंह, रचना, श्याम सौरव, डॉ. अवध, अंशुमाला, डॉ. विजेंद्र विश्वकर्मा, विनोद राम, बसंती हंसता ,अरुणा, बसंती, डॉ ज्योति, डॉ. अमया आन्नद, डॉ. सोनी श्री सिंह, डॉ. आरती आदि उपस्थित थे.   [wpse_comments_template]  

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