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आदित्यपुर: जैविक कृषि समय की मांग: चंपई

 
Adityapur : जैविक कृषि समय की मांग है. रासायनिक कृषि से मनुष्य, जानवर और प्रकृति तीनों को खतरा है. यह बातें झारखंड के आदिवासी कल्याण एवं परिवहन मंत्री चम्पई सोरेन ने कही. वे गम्हरिया प्रखंड परिसर में शनिवार को झारखंड जैविक कृषि प्राधिकार (ओएफएजे) के सौजन्य से एसएफएसी की ओर से  प्रवर्तित जैविक कृषि विपणन केन्द्र का उद्घाटन करने पहुंचे थे. मंत्री चम्पई सोरेन ने दीप जला व फीता काटकर इसका का उद्घाटन किया. मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार का जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए यह एक कदम है. ऑफाज की ओर से क्षेत्र के किसानों को जैविक खेती के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-22-houses-of-nepali-settlement-which-were-obstructing-the-construction-of-the-third-line-of-the-railway-were-demolished/">आदित्यपुर

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किसान अपनी फसलों से अधिक उत्पादन के लिए रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का अंधाधुंध व्यवहार करने लगे हैं, जो कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है.  इसका सीधा प्रभाव प्रतिकूल जलवायु के रूप में हमारे सामने आ रहा है. प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित जैविक खेती को अपनाकर समस्याओं से काफी हद तक निजात पाया जा सकता है. जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के साथ-साथ पौधा जानवर मनुष्य एवं वातावरण को प्रदूषित होने से रोका जा सकता है. उन्होंने पूरे जिले में इसका प्रचार प्रसार करने की बात कही ताकि अधिक से अधिक संख्या में किसान इसका लाभ उठा सकें.

ये थे मौजूद

कार्यक्रम में गम्हरिया अंचलाधिकारी मनोज कुमार, बीडीओ मारुति मिंज, 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष छाया कांत गोराई, रंजीत प्रधान, बीटी दास, प्रदीप बारिक, दीपक नायक आदि मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-one-arrested-with-brown-sugar-from-sitaramdera/">जमशेदपुर:

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