: रेलवे के थर्ड लाइन निर्माण में बाधा बन रहे नेपाली बस्ती के 22 मकान तोड़े गए किसान अपनी फसलों से अधिक उत्पादन के लिए रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का अंधाधुंध व्यवहार करने लगे हैं, जो कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है. इसका सीधा प्रभाव प्रतिकूल जलवायु के रूप में हमारे सामने आ रहा है. प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित जैविक खेती को अपनाकर समस्याओं से काफी हद तक निजात पाया जा सकता है. जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के साथ-साथ पौधा जानवर मनुष्य एवं वातावरण को प्रदूषित होने से रोका जा सकता है. उन्होंने पूरे जिले में इसका प्रचार प्रसार करने की बात कही ताकि अधिक से अधिक संख्या में किसान इसका लाभ उठा सकें.
ये थे मौजूद
कार्यक्रम में गम्हरिया अंचलाधिकारी मनोज कुमार, बीडीओ मारुति मिंज, 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष छाया कांत गोराई, रंजीत प्रधान, बीटी दास, प्रदीप बारिक, दीपक नायक आदि मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-one-arrested-with-brown-sugar-from-sitaramdera/">जमशेदपुर:सीतारामडेरा से ब्राउन शुगर के साथ एक गरिफ्तार [wpse_comments_template]

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